प्रतिभा का सम्मान, शिक्षा का संकल्प और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
राजकीय महाविद्यालय सैया (खेरागढ़), आगरा में प्रतिभा अलंकरण एवं दीक्षारंभ समारोह संपन्न
आगरा, । शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने, नवप्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने तथा उनमें सामाजिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय, सैया (खेरागढ़), आगरा में "प्रतिभा अलंकरण एवं दीक्षारंभ समारोह–2026" का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। समारोह में वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल, प्रशस्ति-पत्र एवं गोपाल किरण समाजसेवी संस्था (GKSSS) द्वारा उपलब्ध कराई गई पेन प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीप्रकाश सिंह निमराजे, अध्यक्ष, गोपाल किरण समाजसेवी संस्था (GKSSS) द्वारा फीता काटकर किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि "शिक्षा और पर्यावरण दोनों ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को ज्ञानार्जन के साथ प्रकृति संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए।"
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना से हुआ। उनकी भावपूर्ण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा उपस्थित अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविन्द्र कुमार ने की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
मुख्य अतिथि श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वही अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए समाज में सम्मानपूर्वक अपनी पहचान स्थापित करेगा।" उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा निवेश है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र—तीनों का भविष्य बदलने की क्षमता रखती है।
उन्होंने महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियाँ