हवा, पानी और भोजन के लिये कृषि विश्वविद्यालय का एक कंपनी से हुआ एमओयू
ग्वालियर। स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सवित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में बायोगैस, प्राकृतिक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, इंटीग्रेटेड पॉन्ड सिस्टम और एकीकृत कृषि प्रणाली का ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा, जो किसानों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान का केंद्र बनेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि यह समझौता कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों को नई दिशा देगा। विद्यार्थियों और किसानों को ऐसी तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है, जो पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हों। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य ज्ञान, नवाचार और कौशल विकास को समाज तक पहुंचाना है और यह साझेदारी उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सवित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अतुल कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बायोगैस संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि ऊर्जा, जैविक उर्वरक, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और कृषि उद्यमिता को जोड़ते हुए एक समग्र कृषि मॉडल विकसित करना है। एमओयू के तहत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे, जबकि किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी परामर्श और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।