चेंबर: नजदीक आते चुनाव और उछलती गेंदें

(माधव अग्रवाल)

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की बढ़ती संख्या ने चैंबर चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। एक बयान आते ही दूसरे से उसके जवाब मांगे जाते हैं। श्रेय लपकने वाले प्रत्याशी नाकामी का सवाल आते ही गेंद दूसरों के पाले में उछालने लग जाते हैं। चैम्बर के कार्यकाल में सवालताएं हैं तो असफलताएं भी बहुत हैं। श्रेय भी सबको बराबर बंटेगा, जिसकी सीट का जैसा वजन। सभी अच्छे पदाधिकारी थे, सभी मजे हुए थे तो आखिर गलती कहाँ हुई जो नाकामियों की लिस्ट लंबी होती चली गई इस पर मंथन की जरूरत है। 

चैंबर भवन की परमिशन लेट हो गई, गार्बेज का मसला 2 महीने की जगह 4 साल में सुलझा, 2 साल तक बिना नियम गार्बेज की अवैध वसूली होती रही, ट्रेड लाइसेंस नहीं हटा, विज्ञापन शुल्क दुकानों के बोर्ड के लिए नहीं हटा, पूर्व सीएम की घोषणा के बाद भी प्रोफेशनल टैक्स खत्म नहीं करवा सके, मुख्य बाजारों की सड़कें नहीं बनी। जिस एससीएसटी एक्ट के विरोध में चैंबर ने आंदोलन किया, शहर बंद किया वही यूजीसी के मामले पर चुप्पी साध गया। हर चरण बद्ध आंदोलन या तो किसी के चारणों तक पहुंचने से पहले रुक गया या किसी अधिकारी के ट्रांसफर होते ही ठंडे बस्ते में गया। चैंबर डमी फर्मों का कुछ नहीं कर सका, जाने कितने मामले हैं जो उठने से पहले ही गड्ढों में दफन कर दिए गए। 

इसका मूल कारण रहा किसी एक पार्टी या गुट से नजदीकी बढ़ाना। संगठन स्तर पर कुछ भी सार्वजनिक काम निजी नहीं होता। उदाहरण के लिए डॉ मोहन यादव,  दिग्विजय सिंह के कितने भी खास हों, वह उनके यहां शादी ब्याह में तो जा सकते हैं लेकिन क्या वह उनकी विजय यात्रा का स्वागत कर सकते हैं? वह यह कह सकते हैं कि उनके निजी संबंध हैं वह अपने नाम के आगे बैनर में मुख्यमंत्री नहीं लिखेंगे? जवाब है नहीं। व्यक्ति पद पर रहते, पद से अलग पहचान सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं रख सकता। 

संगठन को मजबूत करना है तो सबका समान स्वागत, समान विरोध करना होगा। पदाधिकारियों को शपथ लेनी पड़ेगी कि पद पर रहते न इसका आदमी, न उसका आदमी, न कांग्रेस का , न भाजपा का, मैं सिर्फ व्यापारियों का आदमी और संगठन का पदाधिकारी। फिर शायद नाकामियों की लिस्ट छोटी रह जाये। 


posted by Admin
274

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->