मुझे कमजोर प्रत्याशी न समझेः विनोद जैन
ग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स में व्हाईट हाउस से संयुक्त अध्यक्ष पद प्रत्याशी विनोद जैन ने इस बात से इंकार किया है कि वह चेंबर के अनुभवी सदस्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वह तीन बार के कार्यकारिणी सदस्य रहे है और चेंबर की राजनीति का पूरा अनुभव हैं। विनोद जैन ने कहा कि वह चेंबर चुनावों में संयुक्त अध्यक्ष पद पर पूरी जिम्मेदारी से चुनाव लड़ रहे है और उन्हें कोई कमजोर प्रत्याशी न समझे। मैं तो यही कहूंगा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
विनोद जैन ने कहा कि वह व्हाईट हाउस के अरविंद अग्रवाल, प्रशांत गंगवाल, जीएल भोजवानी के आभारी हैं कि उन्हें संयुक्त अध्यक्ष प्रत्याशी बनाया है। जैन ने कहा कि चेंबर इस बार परिवर्तन मांग रहा है और वह परिवर्तन की बयार लाने में कामयाब होंगे। जैन ने कहा कि व्हाईट हाउस ने उन पर जो भरोसा किया है उस पर वह खरे उतरेंगे। उन्होंने कहा कि चेंबर के सदस्य नये चेहरों को इस बार मौका देंगे।
बसंत अग्रवाल की खोज है विनोद जैन
चेंबर के व्हाईट हाउस से जुड़े कई सदस्यों का कहना है कि पहले व्हाईट हाउस संयुक्त अध्यक्ष पद खाली छोड़ रहा था, लेकिन विनोद जैन को बसंत अग्रवाल जाने कहां से खोज लाये। इसके बाद अरविंद अग्रवाल उन्हें प्रत्याशी बनाने को तैयार भी हो गये।