PWD SOR 11.103 को ठेंगा, मामूली बदलाव से करोड़ों का खेल - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उच्चस्तरीय जांच के आदेश दें
ओरछा रामराजा लोक में 'पंच-स्तरीय खेल': ₹62.5 का पत्थर, बिल कितने का? RTI में ₹156 की अवैध वसूली*
*ओरछा। भगवान राम के नाम पर बने रामराजा लोक प्रोजेक्ट में करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। मध्यप्रदेश पर्यटन निगम ने घोटाला छुपाने के लिए *RTI कानून तोड़ा, अवैध वसूली की और PWD के SOR को दरकिनार कर दिया।*
*1. RTI कानून का उल्लंघन - अवैध वसूली:*
अधिवक्ता ने 15.11.2025 को RTI लगाई। 6 महीने तक जवाब नहीं मिला। 05.05.2026 को प्रथम अपील में हारने के बाद भी लोक सूचना अधिकारी ने *RTI एक्ट की धारा 7(6) तोड़कर ₹156 की अवैध वसूली* की। कानून कहता है - अपील के बाद जानकारी निशुल्क देनी होती है। पैसे लेकर भी 16.06.2026 को 78 पेज में टेंडर की शर्तें, दर विश्लेषण और भुगतान का ब्योरा छुपा लिया गया।
*2. PWD SOR ने खोली पोल - अधिकतम रेट ₹62.5:*
पड़ताल में PWD का SOR सामने आया:
- *बिंदु 11.45:* 40 मिमी मोटी बलुआ पत्थर लगाने की दर *₹642/वर्ग मीटर यानी ₹60/वर्ग फुट* तय है।
- *बिंदु 11.103:* स्पेसर और ग्राउटिंग जैसे अतिरिक्त कार्यों के साथ 5% जोड़ने पर भी दर *₹674/वर्ग मीटर यानी ₹62.5/वर्ग फुट* से अधिक नहीं हो सकती।
*साफ है: सरकार का अपना रेट ₹62.5/वर्गफुट है। रामराजा लोक में ठेकेदार को कितना भुगतान हुआ?*
*3. 'मामूली बदलाव' का पंच-स्तरीय खेल:*
PWD के SOR से बचने के लिए एमपीटी अधिकारियों ने मामूली बदलाव किए:
- *पत्थर के नीचे के आधार की मोटाई* 20 मिमी से बढ़ाकर 25 मिमी कर दी गई।
- *सीमेंट मिक्सर का अनुपात* 1:5 से बदलकर 1:4 कर दिया गया।
*सवाल:* क्या 5 मिमी मोटाई बढ़ाने और मिक्सर अनुपात बदलने से ₹62.5 का रेट ₹200 या ₹300 हो जाता है? ये 'मामूली बदलाव' करोड़ों का खेल करने के लिए किए गए।
*4. मुख्यमंत्री से 4 सूत्रीय मांग:*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तत्काल संज्ञान लें:
1. *RTI एक्ट उल्लंघन पर लोक सूचना अधिकारी पर धारा 20 के तहत पेनल्टी लगे।*
2. *₹156 की अवैध वसूली तत्काल वापस कराई जाए।*
3. *SOR 11.103 के ₹62.5/वर्गफुट के मुकाबले ठेकेदार को हुए वास्तविक भुगतान की EOW जांच हो।*
4. *'मामूली बदलाव' के नाम पर रेट बढ़ाने वाले अफसरों और इंजीनियरों पर FIR दर्ज हो।*
*जनता का आरोप:* 6 महीने RTI दबाना, फिर अवैध वसूली करना, और SOR को ठेंगा दिखाकर भुगतान करना - ये तीनों मिलकर साबित करते हैं कि *राम के नाम पर सुनियोजित लूट हुई है।* 5 मिमी की मोटाई बढ़ाने का बहाना बनाकर करोड़ों का अंतर किसकी जेब में गया?