नियमित योग, ध्यान और सकारात्मक चिंतन से जीवन में शांति और खुशी की अनुभूति होती है : राजयोगी बीके प्रहलाद
ग्वालियर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राजकुमार निगम, पुलिस उप महानिरीक्षक, ग्रुप केन्द्र ग्वालियर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के निर्देशन में आर.सी.डब्ल्यू.ए, अध्यक्षा श्रीमती निगम की उपस्थिति में ग्रुप केन्द्र ग्वालियर में रहने वाले परिवारों के बच्चे एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को नैतिक शिक्षा प्रदान की गई तथा आर.सी.डब्ल्यू.ए. की महिला सदस्यों के लिए योग एवं मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ग्वालियर से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बी.के. प्रहलाद भाई, बी.के. रोशनी बहन, बी.के. पावन भाई, आर.सी.डब्ल्यू.ए, अध्यक्षा श्रीमती निगम, सदस्यगण आशा पांडेय एवं मीनाक्षी शर्मा सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में बी.के. प्रहलाद भाई एवं बी.के. रोशनी ने बच्चों को नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को जीवन में अनुशासन, अच्छे विचार, सम्मान एवं सहयोग की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बच्चों को सरल योगाभ्यास कराकर मन को एकाग्र एवं शांत रखने की विधियां बताई। इसके पश्चात उपस्थित आर.सी.डब्ल्यू.ए. की महिला सदस्यों के लिए योगासन, प्राणायाम एवं राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया। इस दौरान बी.के. प्रहलाद भाई ने कहा कि वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है, ऐसे में नियमित योग और सकारात्मक चिंतन के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में शांति, खुशी और संतुलन ला सकता है।
उन्होंने सभी को सदा खुश रहने, परिस्थितियों में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने तथा तनाव मुक्त जीवन जीने के उपयोगी टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि जब हमारा मन शांत और विचार सकारात्मक होते हैं, तो हमारा व्यवहार, स्वास्थ्य और संबंध भी बेहतर बनते हैं। अंत में आर.सी.डब्ल्यू.ए. अध्यक्षा श्रीमती सुनीता निगम ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने और महिलाओं को स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करना तथा महिलाओं को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना रहा। उपस्थित सभी सदस्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।