गंभीरता से संतुष्टि पूर्ण करें सीएम हेल्प लाइन के प्रकरणों का निराकरण : निगमायुक्त
ग्वालियर । सीएम हेल्पलाइन की समस्याओं का निराकरण सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से करें, किसी भी अधिकारी की शिकायत नोन अटेंड नहीं रहना चाहिए। जिनकी भी ज्यादा शिकायतें लंबित हैं और उन्होंने कोई कार्य नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी करें तथा अपर आयुक्त अपने विभागों की सीएम हेल्प लाइन की मॉनिटरिंग करें। उक्ताशय के निर्देश नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने समय समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में निगमायुक्त संघ प्रिय ने स्वीकृत सड़कों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देषित किया कि जितनी भी 93 सडकें स्वीकृत हैं, उन सभी को पूर्ण करायें तथा जिनमें कार्य शुरू नहीं हुआ है उनका कार्य प्रारंभ कराये। इसके साथ ही बारिष के दौरान रैन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देषित किया कि सभी शासकीय भवनों पर रैन वाटर हार्वेस्टिंग होनी है उन्हें करायें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि निगम द्वारा लो कोस्ट स्ट्रक्चर के माध्यम से रैन वाटर हार्वेस्टिंग लगाई जा रही है। इसके साथ ही नाला सफाई को लेकर समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंभीरता से नाला सफाई करायें, बारिश में कहीं भी नाला भरे न। इसके साथ ही जो नाले सीवर में मिल रहे हैं, उनको लेकर आवश्यक कार्यवाही करें तथा नालों पर जाली लगायें। साथ ही नालों पर अतिक्रमण को लेकर समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि सख्ती से नालों पर बने अतिक्रमण को हटायें तथा संबंधित अपर आयुक्त निरंतर इसकी मॉनिटरिंग करें।
अवैध कॉलोनियों पर की जा रही कार्यवाही की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अभी तक अवैध कॉलोनियों पर एफआईआर के प्रकरण क्यों तैयार नहीं किए गए। संबंधित भवन अधिकारी तत्काल प्रकरण तैयार कर संबंधित कॉलोनाइजर पर एफआईआर करायें। वहीं जीर्ण शीर्ण भवनों की समीक्षा करते हुए जो भी भवन जीर्ण शीर्ण हालत में है उसे तत्काल नोटिस दें तथा आवश्यक कार्यवाही करें। बैठक में स्वच्छ ग्वालियर एप पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य एवं पीएचई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस एप पर आने वाली शिकायतों को प्रतिदिन देंखे तथा आवश्यक कार्यवाही करें। बैठक में अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीष सिकरवार, अपर आयुक्त वित्त श्रीमती रजनी शुक्ला, उपायुक्त सुनील चौहान, डॉ प्रदीप श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री पीएचई एसएल बाथम उपस्थित रहे।