तपती सडक़ पर में नंगे पैर सिर पर कलश लेकर चली महिलाएं,पुरानी छावनी स्थित जय रामेश्वर मंदिर पर भागवत कथा शुरू
ग्वालियर। पुरानी छावनी स्थित विद्या निकेत स्कूल के समीप स्थित जय रामेश्वर मंदिर पर सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इससे पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें पीली साड़ी पहनकर महिलाएं तपती गर्मी में 1 किलोमीटर पैदल चलीं। कथा का आयोजन 15 जून तक होगा।
कथा व्यास डॉ. सुरेश शास्त्री बग्घी में सवार थे। कथा परीक्षत सरोज प्रेम पचौरी नंगे पैर सिर पर कलश रखकर चले। यात्रा के दौरान डीजे पर बज रहे भजनों की धुन पर श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कई स्थानों पर स्वागत किया गया।
कथा के दौरान बाल न कटवाएं....
कथा के पहले दिन अतंरराष्ट्रीय कथावाचक पं. सुरेश शास्त्री ने बताया कि कथा के दौरान वक्ता और श्रोता दोनों को ही छौल कर्म, यानि अपने बाल नहीं कटाने चाहिए। वैसे तो यह नियम सभी के लिए है, लेकिन वक्ता और परीक्षत को अनिवार्य रूप से इसका पालन करना चाहिए। उन्होंने भागवत के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य कई जन्मों के पुण्य से मिलता है। इस मौके पर पं. जय राम पचौरी, प्रेम पचौरी, रमेश पचौरी, प्रहलाद उपाध्याय, हृदेश, भास्कर पचौरी, सचिन पचौरी, रमेश शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, महेंद्र पटसरिया, दिनेश रावत सहित सैकड़ों श्रद्धालु सम्मलित हुए।
दोपहर 3 बजे से सात बजे तक चल रही कथा
कथा रोज दोपहर 3 बजे से आरंभ होकर शाम 7 बजे तक आयोजित की जा रही है। समापन 15 जून को हवन पूजन एवं भंडारे के साथ होगा। 9 जून को कपिल देवहूति संवाद, सती चरित्र से कथा आरंभ होगी। 10 को ध्रुव चरित्र, 11 जून को नृसिंह अवतार, प्रह्लाद चरित्र 12 को वामन अवतार, राम जन्मोत्सव, 13को कृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव 14 को गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी विवाह 15 को सुदामा चरित्र की के साथ कथा विश्राम होगा।