प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट तथा एन. आई. एस. एम. के मध्य समझौता, विद्यार्थियों को मिलेगा वित्तीय क्षेत्र का व्यावहारिक प्रशिक्षण
ग्वालियर। प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, ग्वालियर के तथा एन आई एस एम के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय बाजार, निवेश प्रबंधन, प्रतिभूति बाजार तथा वित्तीय साक्षरता के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
समझौता ज्ञापन के अवसर पर राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान, मुंबई के साझेदारी एवं विपणन विभाग के वरिष्ठ सहायक प्रबंधक श्री आदिक तोडकर उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय प्रतिभूति बाजार में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के अवसरों, विभिन्न प्रमाणन कार्यक्रमों तथा उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी परिवेश में वित्तीय बाजारों की गहन समझ तथा व्यावसायिक प्रमाणन युवाओं के करियर को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. निर्मल्य बंद्योपाध्याय ने कहा कि प्रेस्टीज समूह सदैव विद्यार्थियों को उद्योग और शिक्षाजगत के मध्य बेहतर समन्वय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र की व्यावहारिक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों के लिए भी तैयार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विशेषज्ञ व्याख्यानों, निवेश जागरूकता अभियानों तथा विभिन्न प्रमाणन पाठ्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इससे विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने और अपने व्यावसायिक कौशल को सुदृढ़ करने का अवसर प्राप्त होगा।
संस्थान प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह सहयोग वित्तीय शिक्षा, निवेश जागरूकता तथा कौशल विकास को बढ़ावा देने में प्रभावी सिद्ध होगा।
इस अवसर पर फामा क्लब की प्रमुख डॉ. तारिका सिकरवार, समन्वयक सहायक प्राध्यापक सुगंधा मुदुली, डॉ. गौरव सोइन तथा सहायक प्राध्यापक जनार्दन कुकरेजा भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इसे वित्तीय शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।