केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग--- कॉम कौशल शर्मा
विद्यार्थी और नौजवानों का भविष्य मोदी सरकार की अक्षमता और भ्रष्टाचार का शिकार बनता जा रहा है*
ग्वालियर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नीट पेपर लीक घोटाले और परीक्षाओं के रद्द होने से लेकर, सी बी एस ई परीक्षाओं को प्रभावित करने वाली बार-बार की विफलताओं और अब सीयूईटी तक, एक भी बड़ी परीक्षा सही ढंग से आयोजित नहीं की जा रही है। एक करोड़ से अधिक छात्र और उनके परिवार सरकार की अक्षमता और लापरवाही के कारण अनिश्चितता, चिंता और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
मोदी सरकार डिजिटल इंडिया का दावा करती है, लेकिन जब छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की बात आती है, तो वह पूरी तरह विफल रही है। पेपर लीक, सर्वर क्रैश, देरी, अनियमितताएँ और कुप्रबंधन नया सामान्य घटनाक्रम बन चुका हैं । यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात है।
एनटीए को समाप्त किया जाना चाहिए और उसकी जगह एक विकेंद्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जानी चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में बार-बार विफल रहे हैं। पूरी तरह अयोग्य साबित होने के बाद उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बजाय, वे प्रधानमंत्री के संरक्षण का लाभ उठाते रहते हैं, जबकि छात्र और अभिभावक इन विफलताओं की कीमत चुका रहे हैं। लगातार जारी यह अव्यवस्था शर्मनाक और अस्वीकार्य है।