15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा कार्य बहिष्कारः यतेंद्र शर्मा
- जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मियों ने कुलगुरु, कुलसचिव और वित्त नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मी संघ ने शुक्रवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संघ के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य, कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा और वित्त नियंत्रक आशुतोष खरे को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिवस के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे।
संघ अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सातवां वेतनमान लागू करना, रिक्त पदों पर नियमितीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान, 10 प्रतिशत एचआरए, अनुकम्पा नियुक्ति, वैद्य आश्रितों के शुल्क मुक्ति प्रमाण-पत्र, ईडब्ल्यूएफ ऋण सुविधा, ग्रेज्यूटी भुगतान, संघ के लिए कार्यालय कक्ष आवंटन और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल हैं। यतेंद्र शर्मा ने कहा कि लंबे समय से लंबित इन मांगों के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा ने सहायक कुलसचिव कुलदीप चैहान को फोन पर निर्देश देते हुए कहा कि तीन दिवस के भीतर रोस्टर तैयार कर नियमितीकरण समिति का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जा सके। वहीं संघ अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा ने प्रशासन से मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने की बात कही।