सभी शासकीय भवनों पर रेस्को परियोजना अंतर्गत सोलर प्लांट स्थापित किए जायेंगे: नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला
ग्वालियर । "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना" के अंतर्गत शासकीय भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाकर बिजली बचत के साथ-साथ शून्य निवेश से बिजली की बचत का कार्य किया जा रहा है। योजना के तहत ग्वालियर के 30 शासकीय भवनों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाने का अनुबंध शुक्रवार को प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना" के तहत एक वर्ष में प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में सोलर रूफ टॉप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक नोडल एजेंसी भी नियुक्त की गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना" के तहत शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक संयंत्र स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना" के तहत ग्वालियर में 30 शासकीय भवनों में दो मेगावाट क्षमता के सोलर रूफ टॉप संयंत्रों की स्थापना हेतु शासकीय संस्थाओं व रेस्को विकासक इकाई एसएनएस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादित किया गया। इनमें जेल विभाग अंतर्गत सेंट्रल जेल में 176 मेगावाट, जिला चिकित्सालय में 280 मेगावाट, खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत 100 मेगावाट, विजयाराजे शासकीय कन्या डिग्री कॉलेज में 50 मेगावाट क्षमता के सोलर रूफ टॉप संयंत्र को रेस्को मोड में स्थापित करने हेतु मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, एसएनएस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड व हितग्राही संस्था के मध्य अनुबंध निष्पादित किए गए।
ऊर्जा विकास निगम के एमडी अमनवीर सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा प्रदेश के शासकीय भवनों को रेस्को मोड में सौर उर्जीकृत करने हेतु एक जिला-एक रेस्को की तर्ज पर 55 जिलों के लिये 48 मेगावॉट क्षमता के 1300 शासकीय भवनों के लिये जिलेवार निविदा जारी की गई। निविदा में 17 विकासकों द्वारा भाग लिया गया व 13 विकासकों को सफलतापूर्वक चयनित कर 47 जिलों के लिये कार्यादेश जारी किया गया है। निविदा से न्यूनतम दर इंदौर जिले के लिये रु 3.40 प्रति यूनिट, ग्वालियर जिले के लिये 3.49 प्रति यूनिट, भोपाल जिले के लिये 3.78 प्रति यूनिट, उज्जैन जिले के लिये 3.97 प्रति यूनिट तथा अधिकतम रु 4.01 प्रति यूनिट की दर प्राप्त हुई है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार की शासकीय भवनों पर सोलर संयंत्र लगाने की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। योजना के तहत ग्वालियर जिले में अधिक से अधिक शासकीय भवनों पर संयंत्र स्थापित किए जायेंगे। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की बचत के लिये सोलर संयंत्र लगें, इसके सार्थक प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि शासन स्तर से किसानों के लिये भी सोलर पंप के आवेदन लेकर उन्हें सुविधा दी जाए तो योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा सकता है। विधायक भितरवार मोहन सिंह राठौर ने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित शासकीय भवनों को चिन्हित कर उनमें सोलर संयंत्र स्थापित किए जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिले।
विधायक ग्वालियर ग्रामीण साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शासकीय अस्पतालों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों के भवनों पर भी सोलर पैनल स्थापित किए जाएं ताकि विद्युत की बचत हो। बैठक में ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन एवं विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने भी अपने-अपने संस्थानों में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिक से अधिक संयंत्र स्थापित करने की मंशा व्यक्त की। कार्यक्रम में शासकीय विभागों के साथ त्रि-स्तरीय अनुबंध निष्पादित किए गए। कार्यक्रम में निगम आयुक्त संघ प्रिय, सीईओ जिला पंचायत सोजान सिंह रावत उपस्थित थे।