निराश्रितों को मात्र 600 रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने का विज्ञापन ऐसा ,जैसे 6000 हजार दे रही सरकार: जौहरी
ग्वालियर - दिव्यांग, वृद्ध , विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन मात्र 600 रुपए दिए जाने के मामले में , मध्यप्रदेश सरकार को विज्ञापन जीवी सरकार की उपाधि देते हुए कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ समाजसेवी ओर राष्ट्रीय शसक्त आत्मनिर्भर ट्रस्ट नई दिल्ली के राष्ट्रीय सलाहकार एवं आर टी आई ऐक्टिविस्ट अनूप जौहरी ने सरकार पर तंज कसते हूऐ कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांग, वृद्ध, विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों को मात्र 600 रुपये मासिक समाजिक सुरक्षा पेंशन बह भी माह के अंत में दे रही है ओर इतना ही नहीं एक बार में सभी निराश्रितों के खातों में न डालते हुए उक्त राशि को टुकड़ों में सरकार डाल रही है , जिस कारण से जिनकी पेंशन महीने के अंत में नहीं आती है बह निराश्रित ऐसी भीषण गर्मी में पेंशन संबंधित विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर है ।
राज्य सरकार आये दिन इन असहाय निराश्रितों को मात्र 600 , रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिये जाने का समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ओर सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन दें रही है ओर अपनी केबिनेट की बैठकों में सामाजिक न्याय विभाग के लिए बजट दिये जाने का गुनगान कर रही है जैसे निराश्रितों को 600 रुपये नहीं 6000 रूपये दे रही हो। इतना ही नहीं राज्य सरकार दिव्यांग जनों को उनके कोटे के रिक्त पड़े लगभग तीस हजार के बैकलॉक पद कईं वर्षो से रिक्त पड़े हैं । जिन्हें भरने के लिए विज्ञापन तो निकाले जाते हैं । ओर उनके साक्षात्कार भी करायें जाते हैं दिव्यांग जनों का आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण करने के कुछ समय बाद सारी रिक्त पद ही नहीं उक्त विज्ञापन भी निरस्त कर दिये जाते हैं अब ऐसी जुमले बाज सरकार को विज्ञापन जीवी सरकार नहीं कहां जायें तो क्या कहा जाये । अब तो ऐसा प्रतीत होता है कि गरीबों की हितैषी अपने आप को कहने बाली मध्यप्रदेश सरकार इन निराश्रितों के प्रति कितनी गंभीर है। इस सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है। जौहरी ने कहा कि सरकार दिव्यांग जनों के प्रति कितनी असंवेदनहीनता के चलते एक अभिशाप बन कर कुंडली मारे बैठी है ।