रामू की नैय्या पानी-पानी ने ही पार लगा दी, अभी भी मजे कर रहे
ग्वालियर। अपने निगम के पानी वाले रामू साहब का निगम से मोहभंग नहीं हो रहा है। अभी भी वह एक मैडम के सहारे पूरी फाइलें देख रहे है और मैडम को जैसा बोलते है, मैडम भी वैसा ही करती है। वह तो रामू पानी पानी हो गये है और मैडम को ही पानी का कार्यपालन यंत्री बनबाने की फिराक में हैं।
वैसे यहां बता दें कि चंबल से पानी लाने की पाइपलाइन बिछाने के काम में भी रामू भाई ने पार्टनरशिप कर ली है और अपनी नौकरी भी दिखाकर लाख डेढ़ लाख प्रतिमाह अलग से कबाड़ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ठेका कंपनी तो नाम की है असली खेल रामू भाई और मैडम का ही हैं। कुल मिलाकर अपनी दिल्ली वाली एप्रोच के सहारे रामू ने नौकरी भी शाही ढंग से की। तमाम आरोप तमाम शिकायत होने के बाद भी रामू भाई ने पानी के खेल में ही कई खोखे बना लिये है, वह चाहे तो उतने से तिघरा से ग्वालियर नई नहर ही बनवा दें।