जैव विविधता दिवस पर संजय दीक्षित का आरोप: रायपुर बांध में हिलवेज कम्पनी का कथित अवैध उत्खन, जलीय जीवों को नुकसान, जांच की मांग
*ग्वालियर, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर मध्यप्रदेश आरटीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय दीक्षित ने ग्वालियर के ऐतिहासिक रायपुर बांध में अवैध गतिविधियों का गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दीक्षित का कहना है कि दिनांक 17 मई 2026 को प्रकाशित समाचारों एवं स्थानीय नागरिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़ी *हिलवेज कम्पनी* पर आरोप है कि वह रायपुर बांध क्षेत्र के तालाबों, राजस्व भूमि एवं वन क्षेत्र से अवैध रूप से मिट्टी-मोरम का उत्खन कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस उत्खन से शासन को राजस्व की हानि पहुंच रही है और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है।
संजय दीक्षित ने आगे आरोप लगाया कि बांध क्षेत्र में कार्यरत 6 पेटी ठेकेदारों की गतिविधियों के कारण जलीय जीवों को नुकसान पहुंच रहा है और बांध को “खोखला” किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि जल संसाधन विभाग के संरक्षण में यह गतिविधियां चल रही हैं। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक मैनेजर पर अवैध मिट्टी-मोरम को “नंबर एक” में करने के एवज में हफ्ता वसूलने का भी आरोप लगाया गया है।
“स्वर्ण रेखा नदी में जल प्रवाह बनाए रखने का मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। यदि रायपुर बांध का प्राकृतिक जल प्रवाह और पारिस्थितिकी प्रभावित हुई तो भविष्य में कानूनी और पर्यावरणीय समस्याएं और बढ़ेंगी,” संजय दीक्षित ने कहा।
उन्होंने कहा कि वह कलेक्टर ग्वालियर, जल संसाधन विभाग, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और NHAI को ज्ञापन देंगे और निम्न मांगें रखेंगे:
1. हिलवेज कम्पनी एवं उससे जुड़े 6 पेटी ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे उत्खन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।
2. अवैध उत्खन पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए।
3. राजस्व को हुई हानि की वसूली की जाए और NHAI मैनेजर पर लगे रिश्वत के आरोपों की भी जांच हो।
4. रायपुर बांध की जैव विविधता संरक्षण हेतु तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
संजय दीक्षित ने कहा, “जैव विविधता दिवस पर हमें प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, न कि बांधों और नदियों को खोखला करना चाहिए। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।”