ग्वालियर। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या का दिन अन्य अमावस्या की अपेक्षा विशेष महत्वपूर्ण माना गया है। इस वर्ष देव एवं पितृ पूजन अमावस्या शनिवार को पंच ग्रही योग में मनाई गई। अमावस्या पर महिलाओं ने वट सावित्री व्रत किया। बरगद के पेड़ को जल से सींचकर उसके तने के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की और पति की लंबी आयु की प्रार्थना की। महिलाओं ने पारंपरिक बांस की बनी डलिया में पूजन सामग्री रख वट वृक्ष की जल, दूध, हल्दी, कंकू, अबीर, गुलाल, सिंदूर, अक्षत, पुष्प, मौली चढ़ाकर पूजन किया।
इस अवसर पर श्री परशुराम सर्व ब्राह्मण संघ की राष्ट्रीय महामंत्री मधु भार्गव के संयोजन में मॉडल टाउन स्थित शिवशक्ति धाम में सामूहिक पूजा की गई। इस दौरान वट वृक्ष पर सिंदूर, अक्षत, फूल, धूप, नैवेद्य सहित सुहाग का सामान चढ़कर घी का दीपक जलाया। इसके बाद वट सावित्री की कथा सुनीं और परिक्रमा लगाकर आरती की। व्रत खोलने के उपरांत मंदिर परिसर में बेलपत्र का पौधा रोपा गया। साथ ही महिलाओं को अन्य पौधे देते हुए संकल्प लिया गया कि इन पौधों को अपने क्षेत्र में क्षेत्रवासियों के माध्यम से सार्वजनिक स्थान पर विधिवत रोपेंगे। इस मौके पर मधु भार्गव के साथ अर्चना शर्मा, साधना भार्गव, बीना राठौर, रीना भदौरिया, गीता शर्मा, विधि गुप्ता, सोनल शर्मा, गुड्डी शुक्ला, जूली राठौर, राधा राठौर आदि महिलाएं मौजूद रहीं।