ग्वालियर ।लक्ष्मीगंज मंडी स्थित सीडब्ल्यूसी के गोदाम परिसर में हरिलीला सहकारी समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये संचालित खरीदी केन्द्र पर तौल-कांटे कम मिलने पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने यहां के समिति प्रबंधक रामकृष्ण साहू को निलंबित कर दिया है। साथ ही खरीदी प्रभारी का वेतन काटने और इस क्षेत्र के नोडल अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती चौहान मंगलवार की दोपहर लक्ष्मीगंज मंडी स्थित सीडब्ल्यूसी गोदाम परिसर में तिघरा सहकारी समिति व हरिलीला सहकारी समिति द्वारा संचालित अलग-अलग उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण करने पहुँची थीं।
निरीक्षण के दौरान उन्हें हरिलीला समिति के उपार्जन केन्द्र पर कम तौल-कांटे मिले, जिससे उपज बेचने आए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई और समिति प्रबंधक सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ तत्काल तौल-कांटे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा खरीदी केन्द्र पर किसानों को पेयजल के लिये पूर्व से लगे वाटरकूलर के अलावा मटके भी रखवाएं। उन्होंने दोनों खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध कराई जा रहीं सुविधाओं की जानकारी भी लीं। खरीदी केन्द्रों पर गुड़-चना व शीतल पेयजल इत्यादि की व्यवस्था पाई गई। साथ ही खरीदी केन्द्र के प्रभारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित स्लॉट के अनुसार ही खरीदी की जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वेयर को निर्देश दिए कि खरीदी से पहले एफएक्यू के अनुसार गेहूँ की गुणवत्ता अवश्य देखें। उपार्जित गेहूँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जाता है। इसलिये इसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने किसानों से भी साफ-सुथरा एवं छना हुआ गेहूँ लेकर आने का आग्रह किया, ताकि तुलाई कार्य तेजी से हो सके।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये स्थापित प्रत्येक खरीदी केन्द्र कम से कम 6 तौल-कांटे अवश्य रहें, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिये ज्यादा इंतजार न करना पड़े। जिस भी खरीदी केन्द्र पर तौल-कांटे कम मिले और किसानों के लिये सुविधाओं की कमी हुई तो वहां के समिति प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूँ का तत्परता से सुरक्षित भण्डारण कराएं, जिससे बेमौसम बारिश से गेहूँ खराब न हो। इस काम में ढ़िलाई नहीं बरती जाए।