अतीत से सीख, वर्तमान में नवाचार, तभी बनेगा बेहतर भविष्यः पवैया
- एग्रीविजन द्वितीय क्षेत्रीय सम्मेलन में कृषि के नवाचार और जिम्मेदारी पर जोर
ग्वालियर। “अतीत को पढ़ो, वर्तमान को गढ़ो और आगे बढ़ो, तभी बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।” कृषि क्षेत्र में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण ही एग्रीविजन का मूल उद्देश्य है। यह बात राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय एवं विद्यार्थी कल्याण न्यास के संयुक्त तत्वावधान में गुरूवार को आयोजित एग्रीविजन के द्वितीय क्षेत्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश शासन के राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कही।
वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में प्रगति के लिए अनुसंधान और नवीन तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। यदि हम जिज्ञासा और नवाचार की ओर नहीं बढ़ेंगे, तो अपेक्षित सुधार संभव नहीं है। कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि भारतीय कृषि प्रणाली की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने कृषि शिक्षा को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के साथ जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अरविंद कुमार शुक्ल ने कहा कि एग्रीविजन कार्यक्रम भविष्य की खेती और विद्यार्थियों के विजन को दिशा देने वाला मंच है। उन्होंने “स्वयं का निर्माण ही देश का निर्माण है” का संदेश देते हुए युवाओं को आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में आयोजन सचिव सत्यप्रकाश सिंह तोमर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सह संयोजक निखिल खरे ने आभार व्यक्त किया। सह संयोजक शिवम पांडे ने एग्रीविजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री चेतस सुखाड़िया, मध्यभारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री श्री रोहित दुबे, एग्रीवीजन के संयोजक विक्रम फर्शवान, विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. मृदुला बिल्लौरे, निदेशक अनुसंधान सेवायें डॉ. आर.ए. कौशिक, निदेशक शिक्षण एवं छात्र कल्याण डॉ. प्रदीप कुमार, निदेशक विस्तार सेवाएं एवं कृषि महाविद्यालय, के अधिष्ठाता डा वायपी सिंह उपस्थित रहें। मंच संचालन महक जैन ने किया।