माता दुर्गा शक्ति -साहस और संरक्षण की प्रतीक है,,,, पंडित दिनेश शास्त्री
मावई परिवार चौखुटी द्वारा आयोजित रामप्रिय दास अष्टभुजी देवी पर नौ दिवसीय देवी भागवत कथा के सातवें दिन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर पंडित दिनेश शास्त्री ने अपने प्रवचन में भक्तों को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान की भक्ति, सेवा और मानवता की भलाई में निहित है। उन्होंने कहा कि देवी भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा उसके जीवन के अनेक दुख-दर्द दूर होते हैं।
माता भगवती की कृपा से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। कथा वाचक ने कहा कि जब-जब संसार में अधर्म बढ़ता है, मनुष्य अपने कर्तव्यों से भटक जाता है। तब देवी शक्ति विभिन्न रूपों में प्रकट होकर धर्म की रक्षा करती हैं। उन्होंने कहा कि माता दुर्गा शक्ति, साहस और संरक्षण की प्रतीक हैं। यदि मनुष्य सच्चे मन से माता की आराधना करता है तो उसके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान करते हुए कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता, संस्कार और एकता का संदेश देना भी है।
प्रतिदिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर माता की कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार देवी कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और कथा का कार्यक्रम लगातार चल रहा है। जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
देवी कथा की आरती में परीक्षित श्री श्री 108 रामप्रिय दास (अष्टभुजी चरणसेवक), श्री श्री 108 रामदास महाराज,वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रबल प्रताप सिंह मावई मुरेना , धर्मवीर सिंह गुर्जर, रामवीर सिंह गुर्जर, (गिरगांव), नीटू गुर्जर, गंधार सिंह, रामवीर सिंह ,सहित सैकड़ों श्रृद्धालु उपस्थित रहे।