विवाह समारोह के कान फोडू डीजे पर लगे रोक
ग्वालियर। विवाह समारोह में बजने वाले डीजे का कानफोडू शोर सुनकर इन दिनों लोग परेशान है। वहीं प्रशासन भी सब कुछ जानते हुये भी इन कान फोडू डीजे वाहनों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। ना ही कोई ठोस कार्रवाई कर पा रहा है।
विवाह समारोह में इन दिनों तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं। पहले बैंड बाजा के साथ में चलने वाले ठेले पर लगी भोंपू की आवाज लोगों और प्रशासन के अधिकारियों को तेज लगती थी , लेकिन अब उसका स्थान बडे बडे बाक्स वाले स्पीकर सेट लगाकर तेज लाइटों के साथ वाहनों पर बने डीजे बजाए जा रहे है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब भी कोई सामान्य व्यक्ति डीजे वाले वाहन के पास से गुजरता है तो उसके कान तक सुन्न पड जाते है। वहीं अब डीजे के तेज ध्वनि को सुनने के बाद भी अधिकारियों से लेकर पुलिस तक के कान पर जूं नहीं रेंग रही है।
डीजे वाले अपना वाहन जो परिवर्तित कर तैयार किया जाता है उस पर विवाह समारोह वाले चढ कर डांस तक करते नजर आते हैं। वहीं तेज साउंड की आवाज जो निकलने वाले लोगों को परेशान करती है लेकिन डीजे बजाने वालों पर कोई फर्क नहीं पडता है। पहले ठेले पर जो भोंपू लगते थे उससे निकलने वाली आवाज से डीजे की आवाज कई गुना अधिक है लेकिन ना तो प्रशासन पुलिस के लोग कोई कार्रवाई करते है और ना ही प्रदूषण विभाग के लोग। इन सबके संरक्षण में डीजे संचालक कान फोडू आवाज के साथ विवाह समारोह में तेज आवाज से लोगों को परेशान करती रहती है।
डीजे वाले चाहे परीक्षाओं में कोलाहल अधिनियम लगा हो या फिर अन्य सामान्य दिन अपना साउंड तेज आवाज में ही बजाते है। इन्हें परीक्षाओं में बच्चों की परीक्षा से कोई मतलब तक नहीं है। पुलिस एवं प्रशासन को चाहिये कि इय डीजे संस्कृति पर तत्काल रोक लगाये।