सीमा सुरक्षा. सेवा, बलिदान एवं सशक्तिकरण के 60 वर्ष के उपलक्ष्य में सीमा सुरक्षा बलअकादमी में सेवानिवृत्त बल के बहादुरो का सम्मान
सीमा सुरक्षा बल ;बीएसएफ अपने गठन के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2026 को हीरक जयंती के रूप में मना रहा है। इसी श्रृंखला में सीमा सुरक्षा सेवा बलिदान एवं सशक्तिकरण के 60 वर्ष थीम पर आधारित तथा सीमा से परे साहस विषय पर आज दिनांक 24 मार्च 2026 को सीमा सुरक्षा बल अकादमी में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बल के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों को उनके उत्कृष्ट योगदान और राष्ट्र सेव में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थी निदेशक अकादमी अपर महानिदेशक आनंद प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में बीएसएफ की छह दशकों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि बल ने सदैव देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ.साथ आंतरिक सुरक्षाए आपदा प्रबंधन एवं विभिन्न राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन अत्यंत दक्षता और समर्पण के साथ किया है। उन्होंने सेवानिवृत्त कार्मिकों के त्यागए साहस एवं अनुशासन को देश के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि सेवानिवृत्त बहादुरए समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनका समृद्ध अनुभवए उल्लेखनीय उपलब्धियां और अनुशामित जीवनशैली युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत हैंए जिसके माध्यम से वे राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नई पीड़ी में जागरूकता का प्रसार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सेवानिवृत्त बहादुरो के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने उनके उज्वल भविष्य की भी कामना की।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त बहादुरो को मुख्य अतिथि द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान फर सम्मानित किया गया तथा उनके सेवाकाल की उपलब्धियों और योगदान को भी रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में बीएसएफ की 60 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र का भी प्रदर्शिन किया गया जिसमें बल के साहसए बलिदान एवं सेवा की झलक प्रस्तुत की गई। इस कार्यक्रम में आकर सेवानिवृत्त बहादुर सीमा प्रहरियों ने अपने आपको गौरवान्वित महसूस किया।साथ ही उनके द्वारा सीमा सुरक्षा बल का अपना अनुभव भी साझा किया गया।
इस अवसर पर अकादमी के संयुक्त निदेशक व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुथा।