सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत रंगोली के माध्यम से इंटरनेट के विभिन्न स्वरूपों का प्रदर्शन
राजकीय महाविद्यालय सैंया, खैरागढ़ में छात्राओं ने रचनात्मक प्रस्तुति से दिया डिजिटल जागरूकता, नैतिक मूल्यों और समावेशी विकास का संदेश
सैंया, खैरागढ़। सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत राजकीय महाविद्यालय, सैंया, खैरागढ़ में रंगोली के माध्यम से इंटरनेट और नेटवर्क के विभिन्न स्वरूपों को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से डिजिटल पहुँच, मोबाइल तकनीक और इंटरनेट के विविध आयामों को प्रस्तुत करते हुए डिजिटल जागरूकता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश दिया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने इंटरनेट का ऐतिहासिक विकास, सामाजिक संगठन, डिजिटल असमानता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और समावेशी विकास के अंतर्संबंधों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट ने शिक्षा, सूचना, संवाद और सामाजिक सहभागिता के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। हालांकि, डिजिटल संसाधनों तक असमान पहुँच और तकनीकी ज्ञान की कमी जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि तकनीकी विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचे। इसके लिए डिजिटल साक्षरता, समान अवसर और तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार जी ने कहा कि सतर्कता जागरूकता अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में ईमानदारी, पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। रंगोली जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों को इंटरनेट की उपयोगिता के साथ-साथ ऑनलाइन सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।
महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों के मार्गदर्शन में छात्राओं ने आकर्षक रंगोली का निर्माण किया। इस गतिविधि में मोहनी, सावित्री, लवी और अनुष्का सहित अन्य छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई और अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम को सार्थक बनाने में विशाल, भास्कर, अनिल कुमार, विजय, आनंद, गौतम और हुकुम सिंह सहित अन्य सहयोगियों की विशेष भूमिका रही। सभी के सहयोग और सहभागिता से रंगोली के माध्यम से जागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने का संकल्प लिया। साथ ही, भ्रष्टाचार के प्रति सजग रहने, अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा समाज में जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। डिजिटल तकनीक के संदर्भ में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और डिजिटल साक्षरता के प्रसार के प्रति जागरूक रहने का संकल्प भी लिया गया।
इस गतिविधि ने यह संदेश दिया कि सतर्कता केवल एक अभियान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन और कार्यव्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। इंटरनेट और आधुनिक तकनीक का उपयोग तभी सार्थक है, जब वह सुरक्षित, जिम्मेदार, समान अवसरों पर आधारित और समावेशी विकास को प्रोत्साहित करने वाला हो।
संदेश: सतर्क रहें, ईमानदारी अपनाएँ, डिजिटल तकनीक का सुरक्षित उपयोग करें और समावेशी एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान दें।