संस्कृति और मानवता के प्रकाश स्तंभ थे, महर्षि वाल्मीकिः विधायक डॉ. सिकरवार

-  महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान
ग्वालियर। महर्षि वाल्मीकि जी केवल संस्कृत साहित्य के आदि कवि ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवता के ऐसे प्रकाश-स्तंभ हैं, जिन्होंने संपूर्ण समाज को धर्म, मर्यादा और आत्म-परिवर्तन का अमर मार्ग दिखाया। यह विचार ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने ललितपुर कॉलोनी स्थित विधायक कार्यालय पर महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने शहर के वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजनों को शॉल-श्रीफल भेंट कर एवं पुष्पहार पहनाकर आत्मीय सम्मान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विधायक डॉ. सिकरवार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने महाकाव्य रामायण की रचना कर संसार को जीवन जीने की कला सिखाई। रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्शों की जीवंत पाठशाला है। इसमें भगवान श्रीराम से मर्यादा व कर्तव्यनिष्ठा, माता सीता से असीम धैर्य व आत्मसम्मान तथा लक्ष्मण जी व भरत जी के चरित्र से सेवा, समर्पण और त्याग की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महर्षि वाल्मीकि का सबसे बड़ा संदेश शिक्षा, समानता और सामाजिक सद्भाव का है। आज सबसे बड़ी आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा दें और उनमें उच्च मानवीय संस्कार स्थापित करें। कार्यक्रम का सफल संचालन एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्लॉक अध्यक्ष विनोद जैन, राजेश तोमर, श्रीमती रेखा जाटव, अनूप शिवहरे, संदीप यादव, पार्षद केदार बरहादिया, सुरेन्द्र साहू, अंकित कठ्ठल, आईटी सेल जिलाध्यक्ष आदित्य सेंगर, जीतू कुशवाह, अंकुर गोयल, बृजेन्द्र सिंह तोमर, बलवीर बघेल, मनोज पाल एवं सुनील रमपुरिया सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

posted by Admin
63

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->