ग्वालियर | शासन द्बारा जारी आदेश एवं परिषद के ठहराव के मुताबिक गार्बेज शुल्क वसूल किये जाने को लेकर निगमायुक्त अभिषेक चौधरी से म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के प्रतिनिधिमण्डल ने आज बाल भवन में मुलाकात की| प्रतिनिधिमण्डल में अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, उपाध्यक्ष-संदीप नारायण अग्रवाल, मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-दीपक पमनानी एवं कोषाध्यक्ष-मनोज अग्रवाल शामिल रहे|
चेम्बर प्रतिनिधिमण्डल ने निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी से विस्तार से चर्चा कर बताया कि गार्बेज शुल्क का जन्म 31 जनवरी,2020 को हुआ था, जिसे शासन के निर्देश पर 22-09-2023 को रिवीजन कर, संशोधित किया गया था| संशोधन के पश्चात् 1000 वर्गफुट से ऊपर की दुकान और गोदाम पर वेयरहाउस की निर्धारित दरें लागू की जा रही हैं, जो पोर्टल में जानबूझकर हेराफेरी की जा रही है| जबकि परिषद द्बारा गार्बेज शुल्क की दरों को 29-12-2025 को युक्तियुक्तकरण करके ठहराव क्रमांक-224 पारित किया था, जिसे निगमायुक्त के पुर्नविचार की अनुशंसा पर परिषद द्बारा दिनांक 26-02-2026 को ठहराव क्रमांक-246 लागू किया था, जिसका पालन आज दिनांक तक नहीं हो रहा है| इसके विपरीत पोर्टल में वेयरहाउस की जगह अवैधानिक रूप से गोडाउन शब्द का इस्तेमाल कर, गलत रूप से लोगों से गार्बेज शुल्क की वसूली की जा रही है, जिससे व्यापारी एवं आमजन में गहरा रोष है| निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने चेम्बर प्रतिनिधिमण्डल से चर्चा के दौरान आश्वासन देते हुये कहा कि इस पर शीघ्र ही शासन के आदेश एवं परिषद के ठहराव के मुताबिक निर्णय लिया जायेगा| यदि किसी प्रकार की गलत वसूली की जा रही है, तो वह रोकी जायेगी|