ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर एवं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के बीच शैक्षणिक सहयोग और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 17 अक्टूबर को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ‘ब्रिजिंग माइंड्स इन लाइफ साइंसेज’ विषय पर अंतर-विश्वविद्यालयीय छात्र संवाद एवं पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने जीवन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, आधुनिक शोध तकनीकों तथा करियर की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम में जीवाजी विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष प्रो. समीर भाग्यवंत सहित शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. लवकुश, डॉ. सुमिरन, डॉ. पंकज, डॉ. रंजना एवं डॉ. निधि सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जीवाजी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्हें जीवन विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों की जानकारी दी गई। पैनल चर्चा में जीवन विज्ञान के उभरते क्षेत्र, अंतर्विषयी अनुसंधान, वैज्ञानिक नवाचार और विद्यार्थियों के लिए शोध एवं रोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा अनुसंधान के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. समीर भाग्यवंत ने इस पहल को दोनों विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में संयुक्त शोध परियोजनाओं, विशेषज्ञ व्याख्यानों, कार्यशालाओं और विद्यार्थी आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।