एडवेंचरपरी रित्विका शर्मा के नेतृत्व मे चंद्रशिला पर्वत पर 24 ट्रैकर्स का साहसिक अभियान सफल
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 12,110 फीट ऊंचाई पर स्थित बेहद प्रसिद्ध पर्वत शिखर चंद्रशिला पर्वत पर साहसिक ट्रैकिंग के लिए गये 24 सदस्यों के आईआईटियन ट्रैकर्स के दल ने अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोहण के अंतर्गत माउंट एवरेस्ट बेस कैंप और काला पत्थर शिखर पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली नेपाल के उपराष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत एडवेंचरपरी रित्विका शर्मा के नेतृत्व मे 10 किलोमीटर का साहसिक ट्रैकिंग अभियान सफल हुआ l
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया कि ग्वालियर यूनिट के उपाध्यक्ष डॉ.भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाने वाला चोपता इस ट्रैक का मुख्य बेस कैंप था , जो हरे-भरे बुग्यालों और घने बांज-बुरांश के जंगलों से घिरा हुआ है। चंद्रशिला पर्वत शिखर के रास्ते में विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ के सभी ने दर्शन किए,जो पंच केदारों में से एक है और वहां सभी ट्रैकर्स ने देश के अमन चेन और तरक्की के लिये आराधना की और फिर चंद्रशिला पर्वत शिखर की चोटी कि और बढ़ गए । ऊपर जा कर गढ़वाल हिमालय की कई प्रमुख चोटियों का मनोरम दृश्य देखा, जिससे सभी का मन आनंद से सराबोर हो गया, जिनमें नंदा देवी, चौखंभा, त्रिशूल, केदारनाथ, नीलकंठ और बंदरपूंछ शामिल हैं। माना जाता है कि लंकापति रावण ने भी इसी स्थान पर शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। चंद्रशिला पर्वत से सूर्योदय का नजारा देखना सबसे अद्भुत अनुभव माना जाता है। इस 10 किलोमीटर के साहसिक ट्रैक मे बहुत ठंड होने के बावजूद सभी ट्रैकर्स का जोश बहुत हाई रहा। इस दल कि लीडर अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही आईआईटियन रित्विका शर्मा पर्वतारोहण, स्कूबा डाइविंग, हॉर्स राइडिंग, पैरासेलिंग, जुमारिंग और स्लिदरिंग के लिये 2 साल 4 माह की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत प्रतिभा है।