जीवाजी क्लब के बंटाधार में लगे तानाशाह पदाधिकारी, 11 अक्टूबर की एजीएम में विरोध के स्वर उठेंगे
ग्वालियर। जीवाजी क्लब ग्वालियर वैसे तो ग्वालियर का प्रतिष्ठित क्लब है, लेकिन वहां इतनी अंधेरगर्दी और पदाधिकारियों की तानाशाही है कि आपका सही बात भी उठाना अपराध की श्रेणी में है। अब 11 अक्टूबर की जीवाजी क्लब की एजीएम है और क्लब में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। अब इसी कारण तमाम उठते सवालों व शंका के बीच जीवाजी क्लब के पदाधिकारी चुनाव की घोषणा कर मैदान से भागने के मूड में है। इसमे सबसे ज्यादा शंका सवाल अध्यक्ष राजेन्द्र सेठ, सचिव संजय वर्मा व सहसचिव केतन करण अग्रवाल पर उठ रहे हैं। सही तीनों पर सदस्यों के आरोप है कि यह तीनों लोग मिलकर क्लब का बंटाधार कर रहे हैं।
एजीएम में यह मामले उठेंगे
1. 11 अक्टूबर को जीवाजी क्लब की एजीएम में 15 अगस्त को 400 लोगों का खाना कम पड़ने व खाना लूटे जाने का मुददा टाप पर है। यह अव्यवस्था पदाधिकारियों के नेतागिरी के चलते, बाहरी भीड़ बुलाने से फैली थी।
2. 2025 में पूर्व वरिष्ठ आईपीएस एनके त्रिपाठी की बर्थडे पार्टी में जीवाजी क्लब में नकली शराब परोसने का मुददा भी गर्म है। यह नकली शराब क्लब मैनेजर ने पकड़ी थी।
3. जीवाजी क्लब के एक्जूकेटिव मेंबर लावण्य शर्मा का मामला भी गर्म है जिसमे उन्होंने 1 जून 2026 को रेस्टोरेंट में खाना सप्लाई नहीं किये जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। जबकि वह तो पेमेंट देने वाले सदस्य थे। उन्होंने इस बात का विरोध किया था कि आईपीएस राजाबाबू सिंह की पार्टी जो सुरेश कालरा ने उनको ओव्लाइज करने को अरेंज की थी, उसमे रात्रि 11 से 1 बजे तक मांस मदिरा का सेवन चलता रहा, लेकिन उनको पेमेंट ग्राहक होने के बाद भी खाना नहीं दिया गया।
4. जीवाजी क्लब के 36 करोड़ डायवर्सन शुल्क व संपत्ति कर का मामला, जिसे अभी तक निगम में जमा नहीं किया गया है। जबकि जीवाजी क्लब में भारी निर्माण कार्य व अन्य खर्चें बेरोकटोक जारी है, जो काप्ट मेंबरों को ओव्लाइज करने व उनसे दो नंबर में राशि वापस अपनी जेबों में डालने के लिये किये जा रहे है। यह काप्ट मेंबर दीपक पमनानी, नरेश अग्रवाल, मनीष सेठ व अनुराग शिवहरे हैं। जीवाजी क्लब में होने वाले सभी काम इनको सौंपे जाते हैं।
आय कम बताने की शंका
जीवाजी क्लब में सदस्यों व एक्जूकेटिव को आशंका है कि क्लब की आय मात्र 6 से 7 लाख प्रतिमाह बताई जाती है, जबकि यह आय प्रतिमाह 10 लाख से अधिक है और गार्डनों की अलग। इस पर भी सदस्य पुरजोर आवाज उठाने की तैयारी में है।
घटिया निर्माण से नई सीलिंग गिरी
जीवाजी क्लब की एजीएम में 22 अगस्त से 2026 की रात्रि नये रेस्टोरेंट के सामने बने निर्माण में नई बनी सीलिंग भी गिर गई थी, जिसको लेकर सदस्य बेहद नाराज हैं।
पोकर रूम
जीवाजी क्लब के पोकर रूम में सहसचिव केतन करण अग्रवाल व काप्ट मेंबर मनीष सेठ नान मेंबरों को बुलाकर रात्रि तड़के 5 बजे तक ताश खेलते खिलवाते हैं, जो पूरी तरह अवैध हैं। जहां क्लब में ताश चलते है वह रूम अलग है और वहां की समयसीमा रात्रि 11-12 तक ही हैं।
टायलेट सेंसर खराब की शिकायत करना ही गजब हो गया
जीवाजी क्लब के एक सदस्य दीपक गोयल द्वारा टायलेट की वाशबेसिन में लगे सेंसर खराब होने की शिकायत करने पर ही उन्हें भी जीवाजी क्लब के तानाशाह पदाधिकारियों ने नोटिस दे दिया। जिसके कारण वहां भी काफी हो हल्ला मचा।
लावण्य शर्मा को फिर नया नोटिस
जीवाजी क्लब के निलंबित रहे एक्जूकेटिव मेंबर लावण्य शर्मा को आज 10 अक्टूबर को एक फिर नोटिस दे दिया गया है, जबकि वह पहले से ही राजाबाबू सिंह की पार्टी में लगातार खाना सप्लाई करने व रेस्टोरेंट में बैठे अन्य सदस्यों को खाना आपूर्ति नहीं किये जाने का मामला उठाने पर सदस्यता से निलंबित चल रहे हैं। यह नोटिस उन्हें इसलिये दिये गये है कि उन्होंने जीवाजी क्लब के व्हाटसएप ग्रुप टीम जीवाजी क्लब 2024 में 8 अक्टूबर को यह लिखा अब दो पदाधिकारियों को इस्तीफा दे देना चाहिये जो क्लब का इस्तेमाल कर राजनैतिक रोटियां सेंक रहे हैं, वह कोई और नहीं हमारे अध्यक्ष व सहसचिव हैं।
लावण्य शर्मा को मिले नये नोटिस में कहा गया है कि आपने उक्त संदेशों से जीवाजी क्लब के अध्यक्ष, सहसचिव पर चोरी, निजी हितों व राजनैतिक लाभ लेने के गंभीर आरोप लगाये है। अतः आप नोटिस की प्राप्ति से 3 दिवस के भीतर उपयुक्त आरोपों पर ठोस तथ्य, दस्तावेज, प्रमाण प्रस्तुत करें। अन्यथा आप पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर क्लब की सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी।