प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग में "आरोहण" कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन
प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग द्वारा दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को "आरोहण: नई शुरुआत का उत्सव, विधिक नेतृत्व का सम्मान" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के नवनियुक्त सदस्यों वरिष्ठ अधिवक्ता * जितेंद्र शर्मा,* अधिवक्ता * दिनेश शुक्ला,* अधिवक्ता * गौरव मिश्रा* तथा अधिवक्ता *सुश्री प्रतीका पाठक* के सम्मान में रखा गया था कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, तत्पश्चात अतिथियों का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विधि के विद्यार्थियों को उन अधिवक्ताओं से रूबरू कराना रहा, जिन्होंने अपने परिश्रम, निष्ठा एवं समर्पण से विधि व्यवसाय में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है, ताकि वे उनके अनुभवों से प्रेरणा लेकर अपने करियर की सशक्त नींव रख सकें।
वरिष्ठ अधिवक्ता * जितेंद्र शर्मा* , सदस्य, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि जहाँ अधिकार है, वहाँ उपचार भी है और इस वचन को जीवित रखने का दायित्व अधिवक्ताओं का है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, धैर्य एवं सेवा-भाव के साथ विधि व्यवसाय में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
अधिवक्ता * दिनेश शुक्ला* , सदस्य, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद, शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि सत्य एवं ईमानदारी विधि व्यवसाय की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों को सेवा-भाव के साथ समाज एवं न्याय व्यवस्था के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए तथा अपने व्यवसाय में नैतिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।
अधिवक्ता * गौरव मिश्रा,* सदस्य, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद, अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि अधिवक्ता का सर्वोच्च कर्तव्य बिना भय एवं पक्षपात के न्याय के पक्ष में खड़े रहना है। उन्होंने विद्यार्थियों को वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन एवं न्यायालय में अधिकाधिक समय बिताकर व्यावहारिक अनुभव अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
अधिवक्ता *सुश्री प्रतिका पाठक* , सदस्य, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद, अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अधिवक्ता के लिए विधि केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के विश्वास की धरोहर है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, एकाग्रता एवं निरंतर सीखने की प्रेरणा दी तथा कहा कि अपने ही संस्थान से निकलकर इस मंच पर आना उनके लिए गर्व का क्षण है।
प्रो. (डॉ.) राखी सिंह चौहान* , प्राचार्या, विधि विभाग, पीआईएमआर ने स्वागत उद्बोधन एवं बधाई संदेश में सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विधि व्यवसाय में सफलता निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं नैतिकता से ही प्राप्त होती है। उन्होंने अतिथियों की उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी तथा विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इन अनुभवी अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन का भरपूर लाभ उठाएँ।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्या *प्रो. (डॉ.) राखी सिंह चौहान* द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सह-प्राध्यापक *राहुल श्रीवास्तव* , ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। तथा इस अवसर पर विधि विभाग के सह-प्राध्यापक *आबिल हुसैन* , सह-प्राध्यापिका *मानसी गुप्ता* , सह-प्राध्यापिका *मानसी सोनी* , सह-प्राध्यापिका *जिज्ञासा वोहरा,* सह-प्राध्यापक *साहिल वर्मा* , सह-प्राध्यापक *डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा* , सह-प्राध्यापिका *डॉ0 ऋचा मित्तल* , सह-प्राध्यापिका *डॉ0 दीक्षा भदोरिया* उपस्थित रही तथा कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी *कार्तिकेय बंसल* एवं *दीपांजलि कुशवाहा* द्वारा किया गया।