मशरूम उत्पादन में हैं स्वरोजगार की अपार संभावनाएं: डॉ गोस्वामी
श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, ग्वालियर के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने सेवा संकल्प अभियान के अन्तर्गत विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'मशरूम उत्पादन में आधुनिक प्रचलन' विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मीडिया प्रभारी डॉ सुयश कुमार एवं डॉ राजनारायण शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ कौशल आधारित स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से परिचित कराना था

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता, ओंकार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ एचएस गोस्वामी ने विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, विभिन्न प्रकार की मशरूम प्रजातियों तथा इनके व्यावसायिक महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए गैनोदर्मा, ऑयस्टर और बटन मशरूमों सहित विभिन्न उपयोगी एवं व्यावसायिक मशरूम किस्मों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि मशरूम उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, विटामिन डी तथा एन्टी-आक्सीडेंट के महत्वपूर्ण स्रोत हैं और विभिन्न औषधीय एवं खाद्य उपयोगों के कारण इनकी बाजार में अच्छी मांग एवं आर्थिक मूल्य है
डॉ गोस्वामी ने विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक विधियों, उत्पादन की संभावनाओं तथा इसे कौशल आधारित उद्यमिता के रूप में अपनाने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कम स्थान एवं उचित तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार एवं लघु उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सहायक प्राध्यापक डॉ शोभा गोयल ने कहा कि मशरूम उत्पादन वर्तमान में महत्वपूर्ण कौशल आधारित क्षेत्र है जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थी अपनी उद्यमिता को विकसित कर सकते हैं और भविष्य में स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं. डॉ अनिल शुक्ला, सहायक प्राध्यापक ने छात्रों को विज्ञान विषय में स्नातक उपाधि प्राप्त करने के उपरांत इस क्षेत्र में कैरियर के अवसरों पर अपना वक्तव्य दिया
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ व्हीके गुप्ता, संयोजक डॉ राजश्री मिश्रा, डॉ एके त्रिपाठी, डॉ एसएस सेगर, डॉ पूनम सिन्हा, डॉ नीतू गोस्वामी, डॉ अनु बंसल, डॉ किरण भदौरिया सहित महाविद्यालय प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. डॉ चंदना जैन, सहायक प्राध्यापक द्वारा आभार व्यक्त किया गया