चार माह से करोड़ों का मार्ग अब तक तैयार नहीं
(संजय तोमर)
ग्वालियर| विकास के दावे अब हकीकत में लोगों को छलने लगे हैं। सचिन तेंदूलकर मार्ग पिछले चार माह से बन तो रहा है मगर इसकी रफ्तार इतनी धीमी है की यह दावे करने वालों को शर्मसार कर रही है। दरअसल इस मार्ग को पिछले चार माह से भी ज्यादा समय से बनाया तो जा रहा है मगर अब तक बनकर तैयार नहीं हो सका है। जबकि सिरोल में बनाया गया सीसी मार्ग चंद माह में ही बनकर तैयार हो चुका है।
तेंदुलकर मार्ग बनाने वाले कभी मौसम तो कभी विभाग की लेटलतीफी की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। गोविंदपुरी चौराहे से हुरावली तक बनने वाले इस अति सुविधायुक्त मार्ग की स्थिति का हाल ये है की यहां से वाहन तो दूर पैदल तक चलना मुशिकल हो रहा है। अब जिम्मेदार अफसर भी इस मार्ग से मुंह फेर चुके हैं। दरअसल ये मार्ग इसलिए भी बनाया जा रहा है ताकि आगे तैयार हो रहा सत्तारुढ दल का पार्टी दफ्तर की पकड़ आसान हो सके। तेंदूलकर मार्ग पर बनाए गए बेरिकेड्स व उनमें लगने वाली हरियाली भी धीरे-धीरे धूल धुसरित होने लगी है।
दोनों साइड ही तैयार नहीं
इस मार्ग पर लंबे अरसे से न तो लाइटें जल रही हैं न ही सड़कों के दोनों साइड में से एक भी तैयार नहीं हो सकी है। मार्ग पर पड़ी निर्माण सामग्री रात में गुजरने वाले वाहनों को क्षतिग्रस्त कर रही है। रात में इस मार्ग से गुजर रहे वाहनों को तब ज्यादा दिक्कत होती है जब बारिश का मौसम होता है। ऐसे में इस मार्ग के दोनों साइडों पर जलभराव तकलीफदेह हो जाता है।
सिटी परिवहन अब तक शुरू नहीं
तेंदूलकर मार्ग पर लंबे समय से सिटी परिवहन की मांग की जा रही है। किंतु इस मार्ग पर अब तक यात्री वाहन नहीं दौड पा रहे हैं। इस मार्ग के बनने से क्षेत्र के लोगों को रेलवे स्टेशन से सिटी सेंटर होते हुए हुरावली व सिरोल तक कम किराए में लोग आ जा सकेगें। इस मार्ग पर लंबे अरसे से सुरक्षा का मुद्दा भी अहम रहा है। सिरोल थाना बनने के बाद भी अक्सर गंभीर किस्म की वारदातें हो जाया करती है। रात में कई बार पुलिस की गश्त के बाद भी यहां चोरी जैसी घटनाएं होती रहती है।
शहर की सड़कों की जांच में खुलासा
अभी हाल ही में शहर की तीन सड़कों के निर्माण मे बड़ी खामी आई है। कोर्ट के आदेश से जब इनकी जांच कराई गई तो इनके निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग की गई।