ग्वालियर। माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (सम विश्वविद्यालय) की हिन्दी समिति द्वारा आयोजित तुलसी महोत्सव 26 के तृतीय संस्करण का शुभारंभ 26 सितंबर से होने जा रहा है। हिन्दी भाषा, साहित्य, भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं को समर्पित यह दो दिवसीय महोत्सव विद्यार्थियों, साहित्य प्रेमियों एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का मंच प्रदान करेगा।
महोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए कुल ₹2 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है, जिसका वितरण 27 सितंबर को आयोजित समापन समारोह में किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 10 बजे दीप प्रज्वलन, माँ शारदा के पूजन-अर्चन एवं शंखनाद के साथ होगा। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता संत कृपाल सिंह जी महाराज करेंगे। इस अवसर पर दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि प्रख्यात लेखक, चिंतक एवं शिक्षाविद् डॉ. सदानन्द दामोदर सप्रे उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन देंगे।कार्यक्रम में संस्थान के कुलगुरु डॉ. आर. के. पंडित, प्रति-कुलगुरु डॉ. मंजरी पंडित, विभिन्न अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र के पश्चात अतिथिगण पौधारोपण कर महोत्सव की विभिन्न गतिविधियों का शुभारंभ करेंगे।
1500 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल
हिन्दी समिति के अध्यक्ष नीतेश गुर्जर ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव में 5,100 दीपों का दीपोत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके साथ ही साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पंजीयन कराया है। महोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 1,500 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। आयोजन को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रथम दिवस पर होंगी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताएं
महोत्सव के प्रथम दिवस की शुरुआत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ होगी। इसमें सांस्कृतिक प्रश्नोत्तरी, काव्य-पाठ एवं ‘थिरक’ एकल नृत्य प्रतियोगिता प्रमुख हैं। इन प्रतियोगिताओं में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा
प्रथम दिवस का प्रमुख आकर्षण शाम को आयोजित होने वाला अखिल भारतीय कवि सम्मेलन रहेगा। इसमें प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार स्वयं श्रीवास्तव, वरुण आनंद, धर्मवीर ‘धर्म’, मुरारी मंडल, वीर सिंह सिकरवार तथा कवयित्री श्रुति मिश्रा अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। काव्य, गीत और शायरी से सुसज्जित यह आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
ग्वालियर में पहली बार होगा भजन क्लबिंग कार्यक्रम
हिन्दी समिति के उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कौरव ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन ‘संजीवनी’ ट्रेजर हंट, ‘निरूपण’ रचनात्मक लेखन, ‘श्रुति संगम’ एकल गायन एवं भाषण प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। दूसरे दिन का विशेष आकर्षण भजन क्लबिंग कार्यक्रम होगा। ग्वालियर में पहली बार आयोजित होने जा रहा यह कार्यक्रम भक्ति संगीत और युवा ऊर्जा का संगम प्रस्तुत करेगा। विद्यार्थियों के लिए यह आयोजन महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
तुलसी महोत्सव का यह तृतीय संस्करण हिन्दी, साहित्य और भारतीय संस्कृति को युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ने की पहल है। दो दिवसीय इस महोत्सव में कला, साहित्य, संगीत और परंपरा का संगम देखने को मिलेगा। तकनीकी शिक्षा के वातावरण में आयोजित यह महोत्सव युवाओं को भारतीय भाषा, साहित्य एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक रचनात्मक और आधुनिक माध्यमों से पहुंचाने का प्रयास है।