ग्वालियर । केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को चंबल–कोतवाल जल परियोजना के अंतर्गत कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज तथा बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और ग्वालियर-मुरैना की भविष्य की जलापूर्ति को मजबूत करने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि ग्वालियर-मुरैना के लिए यह जीवन रेखा साबित होगी।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के साथ निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, विभागीय अधिकारी एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चंबल–कोतवाल जल परियोजना ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना है। चंबल का पानी नदी से निकलकर ग्वालियर-मुरैना के हर घर के नल तक पहुंचे, इसी सोच के साथ डबल इंजन की सरकार इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में शहरों की बढ़ती आबादी और जल की आवश्यकता को देखते हुए आज से ही मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। हमारा प्रयास है कि ग्वालियर-चंबल संभाग की जल आवश्यकताओं को लंबे समय के लिए सुरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट का सामना न करना पड़े। 150 एमएलडी पानी ग्वालियर पहुंचेगा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि लगभग 458 करोड़ की लागत से चंबल–कोतवाल जल परियोजना को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से लगभग 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से ग्वालियर लाया जाएगा और आगे इसे मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश के मंत्रिगणों के साथ चंबल और कोतवाल डैम से ग्वालियर तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता एवं प्रगति की जानकारी ली। सिंधिया ने कहा कि परियोजना में बड़े व्यास की पाइपलाइन के माध्यम से पानी को लंबी दूरी तक पहुंचाया जाएगा। जिन स्थानों पर क्वारी, सांक और आसन जैसी नदियां मार्ग में आ रही हैं, वहां पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए विशेष ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। सांक नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी उन्होंने निरीक्षण किया। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्वालियर-मुरैना की आने वाली दशकों की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक पहुंचने के बाद जलशोधन संयंत्र के माध्यम से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगा। इससे ग्वालियर के नागरिकों को अधिक भरोसेमंद जलापूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-मुरैना की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में चंबल–कोतवाल जल परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी होने के बाद आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से राहत मिलेगी और क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।