(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर । दूसरों के सपनों को साकार कराते-कराते सचिन शर्मा का अपना सपना कहीं पीछे छूट गया था। सचिन शर्मा बरसों तक एक निजी जिम में ट्रेनर रहकर दूसरों को फिट बनाते रहे, पर खुद का जिम खोलने का सपना पूंजी की कमी में दबा रहा। पर उनका सपना अब साकार हो गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की बदौलत उन्हें यह कामयाबी मिली है।
उपनगर ग्वालियर की गंगा विहार कॉलोनी सागरताल रोड निवासी सचिन के पास हुनर था, अनुभव था व जुनून भी था। बस साथ नहीं था तो सिर्फ पैसा। यह कमी पूरी हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से। अपनी ठोस व्यवसायिक योजना और वर्षों के अनुभव को लेकर वे बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंचे। बैंक ने उनके समर्पण पर भरोसा जताते हुए 11 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया। बस फिर क्या था सचिन ने चार शहर का नाका स्थित यादव धर्मशाला परिसर में अपने सपनों का जिम खड़ा कर दिया। आज वही जिम इलाके के युवाओं के लिए फिटनेस का अड्डा बन चुका है। उनके जिम से 4 से 5 स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।
सचिन कहते हैं मुद्रा योजना का साथ न मिलता, तो शायद यह सपना, सपना ही रह जाता। सचिन सरकार के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए अन्य युवाओं से भी आह्वान करते रहते हैं कि स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनें।एक ट्रेनर से उद्यमी बनने तक का सचिन का यह सफर बताता है कि जब हौसला बुलंद हो और सही सहयोग मिले, तो सीमित संसाधन भी बड़े सपनों के आड़े नहीं आते।