कथा पांडाल में कराया बेटी का विवाह ,कोयला वाले हनुमान मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
ग्वालियर। मोतीमहल स्थित कोयला वाले हनुमान मंदिर पर आयोजित हो रही भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त में गुरूवार को एक बेटी का विवाह कराया गया। श्रीकृष्ण और रुकमणि का स्वरूप मानकर उनकी जयमाला कराई गई। आयोजन समिति ने वर-वधु को सारा दहेज का सामान दिया, वहींं श्रद्धालुओं को खूब दान दिया। इस मौके पर कथा व्यास पं शरद कुमार शास्त्री ने कहा कि गरीब बेटी के विवाह कराने से बढ़कर कोई पुण्य नहीं हैं। गरीब कन्या के विवाह में लगा धन सबसे बड़ा धर्म है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता को अपने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने अपने शादी में फिजूलखर्ची न कर सामुहिक विवाह में अपने बेटे का विवाह किया और गरीब बेटियों की भी शादी कराई। उन्होंने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। हम उन्हें जिस भाव से सुमिरन करते हैं, वे हमें उसी रूप में प्राप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा को यदि श्रद्धा के साथ श्रवण करेंगे तो जीवन में अवश्य सकारात्मक परिवर्तन होगा। भागवत ज्ञान का अथाह सागर है जिसकी एक सीख ही जीवन का उद्धार कर सकती है। यह वेदों का पका हुआ अमृत फल है। कथा रूपी में अमृत पीने से शरीर की गंदगी बाहर हो जाती है, इसलिए भागवत रस पिए और मन की गंदगी को बाहर निकालें। भक्ति तनाव को मुक्त कर देती है और भक्त का ह्रदय कृतार्थ हो जाता है।
इस मौके पर कोयला वाले हनुमान के पुजारी एवं कथा के आयोजक संतोष भैया ने विशेष रूप से कथा में शामिल होने आए अपने गुरू पूरनदास महाराज का पूजन एवं सम्मान किया। इस मौके पर कथा परीक्षत कथा संयोजक प्रेम बरौनिया, यजमान निर्मला मेघसिंह राजावात, शत्रुघन सिंह, लालूसिंह, राजाबेटी, टीकाराम सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।