भव्य कलश यात्रा निकली, जेसीबी से बरसे फूल, मोतीझील स्थित कोयला वाले हनुमान मंदिर पर भागवत कथा शुरू
ग्वालियर। मोतीझील स्थित श्रीचिंताहरण कोयला वाले हनुमान मंदिर पर बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का आगाज हुआ। इससे पूर्व पौ वाले बाबा वायपास से विशाल और भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 251 कलशधारी महिलाओं के साथ सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर जेसीबी से फूल बरसाए गए।
पौ वाले बाबा पर पहले कलश पूजन किया गया,जिसके बाद पीली साड़ी में सजी-धजी महिलाओं श्रद्धालुओं ने पवित्र कलश को सिर पर रखा और यात्रा में शामिल हुई। डीजे पर सुमधुर भजनों की धुन पर यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य किया। क्रेन से जब गुलाब और गैंदा के फूलों की पंखुड़ियां श्रद्धालुओं के ऊपर बरसी,तो लगा मानो देवता फूल बरसा रहे हों। कलश यात्रा में कथा के यजमान निर्मला मेघसिंह राजावात सिर पर भागवत की पोथी लेकर चल रहे थे। कथा व्यास श्रीधाम वंृदावन के पं शरद कुमार शास्त्री भी श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा में शामिल हुए। इसके साथ कथा के आयोजक कोयला वाले हनुमान पर मंदिर के पुजारी संतोष भैया, कार्यक्रम संयोजक प्रेम बरौनिया, शत्रुघन सिंह, लालूसिंह, राजाबेटी, टीकाराम सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
पहले दिन कथा व्यास पं शरद कुमार शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण बहुत ही भाग्य से मिलता है, इसलिए जब भी आसपास कथा हो, तो जरूर भगवान के चरित्रों का श्रवण करना चाहिए। ऐसा करने से इंद्रियों की शुद्धि होती है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।