श्वर कृपा से ही सुखी होता है जीवन: शास्त्री
पुरानी छावनी में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवा दिन
ग्वालियर। जब मनुष्य पर परमात्मा की कृपा होती है, तो उसके जीवन में आनंद को कोई नहीं रोक सकता है, इसलिए सदा भगवन की शरण मेें रहें, वो जरूर आप पर कृपा करेंगे। देवकी ने श्रीकृष्ण को जन्म दिया, लेकिन भगवान की कृपा से उनको अपनी गोद में खिलाने का आनंद यशोधा मैया को मिला। यह विचार पं सुरेश शास्त्री ने जयराम मंदिर पुरानी छावनी में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पं सुरेश शास्त्री ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग जीतोड़ मेहनत करते हैं, फिर भी धन नहीं कमा पाते हैं और कुछ लोग आराम करते हैं फिर भी उनके पास धन आ जाता है। यह भगवान की कृपा से ही होता है। श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब श्रीकृष्ण नंदगांव पहुंचे तो नंदबाबा ने योग्य विद्वान ब्राह्मणों को बुलाया। आज भी हमारे यहां संतान होती है तो कुलगुरू अथवा ब्राह्मण को बुलाकर पूजापाठ करवाते हैं तथा उसकी कुंडली बनवाते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए किसी योग्य वेदज्ञ ब्राह्मण से ही कराना चाहिए। जिस प्रकार हम डॉक्टर का चयन करते समय उसकी योग्यता और अनुभव को सबसे ऊपर रखते हैं, ठीक उसी प्रकार पुरोहित चुनते समय उसकी विद्वुता के आधार पर ही उसे आमंत्रित करना चाहिए। यज्ञ में यदि एक मंत्र भी गलत पढ़ दिया, तो उससे लाभ की बजाय हानि हो जाती है। परमात्मा से मिलन की युक्ति में वेदज्ञ ब्राह्मण जरूरी है। मंत्र शुद्ध और स्पष्ट होने के साथ छंद, वर्ण, पाद अर्थ भी पता होना चाहिए।इस मौके पर पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल,शैलेंद्र बरुआ, रामनारायण मिश्रा, जयराम पचौरी, सचिन पचौरी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यासपीठ की आरती कथा यजमान सरोज प्रेम पचौरी ने की।