मयंक गर्ग की अजीब टिप्पणीः जिसको छोड़ना है छोड़ दें क्रियेटिव, लोग नाराज

ग्वालियर। जीवनभर क्रियेटिव हाउस को शिखर पर ले जाने का सपना देखने वाले क्रियेटिव के मुख्य संयोजक स्व. विष्णु गर्ग के पुत्र मयंक गर्ग क्रियेटिव हाउस का बंटाधार करने पर उतारू हैं। गत दिवस क्रियेटिव हाउस की बैठक में मयंक गर्ग के व्यवहार से क्रियेटिव हाउस के कई कर्ताधर्ता और पैरोकार अचंभित है। यह बैठक संयोजक राधेश्याम भाकर के निवास पर आयोजित हुई थी।
बैठक में क्रियेटिव के पूर्व सदस्य रामनिवास अग्रवाल की वापसी सुरेश बंसल व हेमंत गुप्ता की पैरवी पर हुई, तो कई सदस्यों ने कहा कि क्रियेटिव के प्रत्याशी भी जल्द घोषित होने चाहिये, अन्यथा आपाधापी में क्रियेटिव के वर्तमान कर्ताधर्ता अपनी चुनावी जिम्मेदारी सही तरीके से निभा नहीं पा रहे हैं। अतः कहीं ऐसा न हो कि कुछ बड़े व्यापारी नेता क्रियेटिव हाउस को न छोड़ दें। इस टिप्पणी पर क्रियेटिव के मयंक गर्ग तमतमा उठे और बोले जिसे हाउस छोड़ना है अभी छोड़ दें, हमें फर्क नहीं पड़ता। मयंक गर्ग की इस टिप्पणी पर क्रियेटिव के कोर ग्रुप के विजय गोयल से लेकर सुरेश बंसल, हेमंत गुप्ता व स्वयं राधेश्याम भाकर भी अवाक रह गये। 
क्रियेटिव के कई नेताओं का कहना था कि स्व. विष्णु गर्ग एक बेहद सुलझे और जिंदादिल इंसान थे, उनकी उपस्थिति ही क्रियेटिव हाउस में जोश भर देती थी, उनकी कमी इस बार बहुत खलेगी। स्व. विष्णु गर्ग के पुत्र मयंक गर्ग तो उनके पासंग भी नहीं है, यदि ऐसा ही रहा तो क्रियेटिव में कौन टिकेगा।
हमारे राम में भी गलत व्यवहार किया था मयंक ने
पिछले दिनों प्रख्यात फिल्म स्टार आशुतोष राणा के हमारे राम नाटक मंचन में भी मयंक गर्ग अतिथियों के प्रवेश के समय उनसे शिष्टाचार से पेश नहीं आये थे, जिस कारण कई लोगों ने मंचन देखने के लिये हाल में प्रवेश ही नहीं लिया था। 

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