आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका मिनी कार्यकर्ता को उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय के पालन में कटौती किए गए एरियर्स भुगतान मय ब्याज देने का मांग पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधीश को सोपा

ग्वालियर     आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक की ओर से विभा पांडे विरुद्ध सचिव महिला बाल विकास मध्य प्रदेश शासन की रिट याचिका क्रमांक 14501/ 2019 के आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2026 का पालन करने जिसमें 27- 6 -2019 के पहले का मानदेय कटौती कर भुगतान किया था उसे पूरा बहाल कर एरियर भुगतान मय ब्याज करने का सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ताओं को भुगतान करने मांग का मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन पत्र (सलग्न जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश की प्रति) जिलाधीश ग्वालियर पर प्रदर्शन कर यूनियन की जिला ग्वालियर संयोजक श्रीमती पुष्प लता सविता के नेतृत्व में सोपा गया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता यूनियन (एटक) की महासचिव कॉमरेड विभा पांडे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर मे रिट याचिका क्रमांक 14501/2019 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के पूर्व राज्य सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अरविंद श्रीवास्तव (जबलपुर) ने दायर की जिसमे मध्य प्रदेश शासन की तरफ से अधिवक्ता प्रमोद कुमार चौरसिया ने शासन का पक्ष रखा। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पारित आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2026 मे राज्य सरकार को निर्देशित किया कि दिनांक 27-6 -2019 से पहले जो मानदेय का हिस्सा दिया जा रहा था उसे पुनः बहाल किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 1500/- सहायिका को 750/- मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 1250/- रुपया प्रति माह की दर से दिनांक 27/6/2019 से एरियर भुगतान करने के दिनांक तक 6% ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार 84 माह की एरियर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कुल राशि 126000/- आंगनवाड़ी सहायिका को 63000/- मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 105000/- को एरियर मिलेगा और 6% ब्याज अलग से दिया जाएगा। दिनांक 3 फरवरी 2026 के आदेश को समाहित करते हुए आदेश जारी किया गया है जिसमें 120 दिन के अंदर करना है यानी 3 जून 2026 तक सरकार को भुगतान करना है। याचिका में यह भी आदेश जारी किया गया है कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकार 125000/- एवं ₹100000 ग्रेच्युटी सरकार देती थी। माननीय उच्च न्यायालय ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को राहत देते हुए आदेश दिया है कि पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा। 
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को पालन करने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित यापन पत्र जिलाधिकारी प्रदर्शन कर ज्ञापन सोपा जिसमें पुष्प लता सविता,विमलेश शाक्य, कुसुम कटिहार, सरोज तोना, मालती जाटव, रेखा रजक, चंद चौहान, राज बेटी, गीता, रमा मिश्रा, पदमा कुशवाहा, सुषमा आर्य, राजवती आर्य,कॉम हरिशंकर माहौर,कॉम कौशल शर्मा एडवोकेट,कॉम रमेश सविता,कॉम मंगल सिंह आदि बड़ी संख्या में महिला पुरुषों ने भाग लिया।

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