दो तालाबों ने बदली सहरिया किसानों की तकदीर, खेतों में लहलहाया पीला सोना


(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर “जल गंगा संवर्धन अभियान” ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत आरोन में सहरिया जनजाति परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत बनाए गए दो तालाब आज यहां के किसानों के लिए समृद्धि का आधार बन गए हैं। इन तालाबों से हुई सिंचाई की बदौलत सहरिया परिवारों के खेतों में इस वर्ष पीला सोना कही जाने वाली सरसों की भरपूर फसल हुई है।
ग्राम पंचायत आरोन में पिछले वर्ष बरसात से पहले दो तालाबों का निर्माण कराया गया था। पहली ही बारिश में दोनों तालाब पानी से लबालब भर गए। इससे सहरिया जनजाति के लगभग 20 किसानों के करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी। तालाबों से सिंचाई का लाभ पाने वाले किसानों में श्रीमती मीरा और श्री धनीराम जैसे सहरिया परिवार शामिल हैं। पीला सोना यानी सरसों की अच्छी पैदावार से इन किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जो परिवार कभी आर्थिक तंगी से जूझते थे, आज उनके चेहरों पर खुशहाली की चमक है।जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी के अनुसार सिंचाई सुविधा मिलने से इस क्षेत्र के किसानों के खेतों में लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की फसल का उत्पादन हुआ है। खेतों में लगभग 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सरसों का उत्पादन हुआ, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष दोनों तालाबों की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए जिला पंचायत द्वारा पिचिंग का कार्य भी कराया जा रहा है। इससे तालाबों में अधिक पानी संग्रहित होगा। जाहिर है आने वाले वर्षों में और अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।  


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