मेडप्रिडिक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने 90%+ दक्षता वाले AI डायग्नोस्टिक इंजन के साथ MediElaj लॉन्च किया
, गुरुग्राम: भारत के हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मेडप्रिडिक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने अपने AI-संचालित हेल्थकेयर ऐप और स्मार्ट डायग्नोस्टिक कियोस्क प्लेटफॉर्म MediElaj का आधिकारिक लॉन्च किया है। यह पहल शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण भारत में शुरुआती बीमारी की पहचान, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और किफायती स्वास्थ्य जांच को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।
MediElaj पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ता है। यह प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से मोबाइल ऐप और स्मार्ट कियोस्क दोनों माध्यमों से लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाता है। इस विज़न का नेतृत्व कर रहे हैं मेडप्रिडिक्ट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन देबजीत पात्रा, जिनके पास रक्षा सेवाओं, कॉर्पोरेट नेतृत्व, वित्त और कई सफल उद्यमों का व्यापक अनुभव है। उनके नेतृत्व में कंपनी का उद्देश्य उन समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।
देबजीत पात्रा, चेयरमैन एवं फाउंडर, MediElaj कहते हैं,
"MediElaj को इस सोच के साथ तैयार किया गया है कि AI तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, किफायत, विस्तार और समानता को मजबूत किया जा सके। हमारा मानना है कि यह प्लेटफॉर्म डायग्नोस्टिक्स और स्क्रीनिंग के क्षेत्र में भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक हेल्थकेयर सिस्टम में भी एक बड़ा बदलाव लाएगा। हमारा लक्ष्य बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी को पूरी तरह बदलना है।"
MediElaj की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं को सीधे आम लोगों तक पहुंचाता है। अब तक बेहतर जांच सेवाएं केवल बड़े शहरों और बड़े अस्पतालों तक सीमित थीं, लेकिन MediElaj इस स्थिति को बदलने की दिशा में काम कर रहा है। इसका स्मार्ट कियोस्क मॉडल खास तौर पर मोहल्लों, कार्यस्थलों, टियर-2 और टियर-3 शहरों, दूरस्थ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और निजी सामुदायिक क्लीनिकों के लिए तैयार किया गया है। वहीं, ऐप को अब तक 1 लाख से अधिक डाउनलोड मिल चुके हैं।
प्रत्येक कियोस्क में 30 से अधिक डायग्नोस्टिक टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है, जिनमें इनवेसिव और नॉन-इनवेसिव दोनों प्रकार के टेस्ट शामिल हैं। इनमें ECG, SpO₂ मॉनिटरिंग और अन्य जरूरी स्वास्थ्य जांच शामिल हैं, जिन्हें किफायती दरों पर बिना अस्पताल गए कराया जा सकता है।
प्लेटफॉर्म का AI डायग्नोस्टिक इंजन फिलहाल 90%+ दक्षता के साथ काम कर रहा है। कंपनी के अनुसार, जैसे-जैसे डेटा बढ़ेगा और क्लिनिकल सुधार होंगे, इसकी क्षमता और बेहतर होती जाएगी। इसके साथ ही MediElaj मोबाइल ऐप AI-आधारित लक्षण विश्लेषण, वेलनेस टूल्स और मरीज सहायता सेवाएं भी प्रदान करता है, जिससे एक तेज़ और सुविधाजनक डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार होता है।
शुरुआती स्तर पर कंपनी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। एक सामुदायिक केंद्र में लगाए गए पायलट कियोस्क ने अब तक 200 से अधिक डायग्नोसिस और 350 से ज्यादा नॉन-इनवेसिव टेस्ट पूरे किए हैं, जो जमीनी स्तर पर इसकी बढ़ती मांग को दर्शाता है।
मेडप्रिडिक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कई प्रतिष्ठित अस्पतालों और कॉलेजों के साथ साझेदारी कर अपनी संस्थागत विश्वसनीयता को मजबूत किया है। कंपनी ने हेल्थकेयर रिसर्च और इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए कई MoU भी साइन किए हैं। इसके अलावा, पश्चिम भारत के दो प्रमुख राज्यों की सरकारों के साथ पायलट हेल्थकेयर प्रोग्राम को लेकर बातचीत जारी है, जो क्लिनिकल वैलिडेशन के बाद आगे बढ़ाई जाएगी।
नियमों और अनुपालन के स्तर पर कंपनी को ISO 13485 और ISO 14791 सर्टिफिकेशन प्राप्त हुए हैं। साथ ही, भारतीय संचालन के लिए SaMD (Software as a Medical Device), ISO और DPDPA (Digital Personal Data Protection Act) फ्रेमवर्क के तहत टेस्ट और कमर्शियल लाइसेंस भी हासिल किए गए हैं। यह कंपनी की डेटा प्राइवेसी और मरीजों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रेगुलेटरी और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को अपनाते हुए दुबई और यूनाइटेड किंगडम में विस्तार की दिशा में काम कर रही है।
MediElaj के आधिकारिक लॉन्च के साथ ही मेडप्रिडिक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने खुद को AI, डायग्नोस्टिक्स और हेल्थकेयर एक्सेसिबिलिटी के संगम पर मजबूती से स्थापित किया है। कंपनी का उद्देश्य भारत और दुनिया के लिए एक अधिक स्मार्ट, समावेशी और सुलभ हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार करना है।