देश को मजबूत बनाने के लिए समाज को एक करना होगा : सागर आनंद महाराज
ग्वालियर । पुरुषार्थ सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में ठाठीपुर स्थिति संत कबीर आश्रम में सप्त दिवसीय संत शिरोमणि रविदास जी महाराज संगीतमयी कथा के पांचवे दिवस समाज को एक करने के लिए प्रेरक संदेश दिए गए। कथावाचक उत्तराखंड के प्रसिद्ध संत सागर आनंद महाराज ने ओजस्वी और सारगर्भित वाणी में कहा कि कम, क्रोध और अहंकार को गुरू से हमेशा डर रहता है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने इन बातों से हमेशा दूर रहने के लिए समाज का आह्वान किया। संत रविदास जी महाराज के विचार को आत्मसात करते हुए समाज को जगाया। समाज के छोटे व्यक्तियों को ज्ञान देकर बड़ा बना दिया और राजा जैसे बड़े व्यक्तियों को झुका दिया। इसलिए कहा जाता है कि अहंकार खोखला होता है।
कथावाचक सागर आनंद जी महाराज ने संत शिरोमणि रविदास महाराज के बारे में आगे कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए समाज को खड़ा होना चाहिए। यही कार्य संत रविदास जी ने किया। उन्होंने समाज से ऊंच नींच के भाव को समाप्त करके समरस बनाया। कथा वाचक ने कहा कि जब समाज बंटता है, तब समाज तो कमजोर तो होता ही है, देश भी कमजोर होता है। ज़ब समाज संगठित होकर देश के बारे में सोचता है तब राष्ट्र का नव निर्माण होता है, राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने संत कबीर, कमालिनी, मीरा, संत रविदास जी के अनेक प्रेरक प्रसंग सुनाए। कथा में श्रोताओं ने एकाग्रचित होकर श्रवण किया। कई प्रसंग सुनकर श्रोता भावुक होते दिखाई दिए। सागर आनंद महाराज ने आज की कथा में संत रविदास जी के अनेक ऐसे प्रसंग श्रोताओं के सामने रखे, जो उनको महान बनाते है। संत रविदास जी को न हार की चिंता थी. और न जीत की खुशी। वे संत थे, राष्ट्र और समाज हित के लिए ही सोचते थे और जीते थे। मंचासीन संतों में जखारा के प्रेमदास महाराज, संत रविदास आश्रम के श्यामदास, कबीर आश्रम के लखनदास, बुद्ध विहार की प्रेमाबाई, गोपाल दास और प्रमोद पंडित शामिल रहे। कथा की आरती मकरंद गर्ग और श्रीमती सावित्री गर्ग ने की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक सुरेंद्र मिश्रा, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, बाबा गेजा सिंह शिवपुरी, डॉ. अमरजीत सिंह भल्ला, विनोद मोहाने इंदौर, राजेश वानखेड़े इंदौर, गुरुद्वारा ग्वालियर के कोचर जी, हरविंदर सिंह, अवतार सिंह, कृष्णपाल सिंह कुशवाह, मनीष राजोरिया आदि उपस्थित रहे।