अचलेश्वर महादेव मंदिर में नए नंदी महाराज की प्रतिमा स्थापित
- 200 किलो वजनी पीतल की प्रतिमा की हुई प्राण प्रतिष्ठा
ग्वालियर। अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के गर्भगृह में पीतल से निर्मित नए नंदी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई। इसका वजन लगभग 200 किलोग्राम है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पहले भी नंदी महाराज की मूर्ति स्थापित थी, लेकिन श्रद्धालुओं की सर्वसम्मति से अब नई प्रतिमा स्थापित की गई है। इस विशेष प्रतिमा को अलीगढ़ में विशेष ऑर्डर देकर तैयार कराया गया है। नई नंदी महाराज की प्रतिमा पीतल से बनी है। प्रतिमा का वजन लगभग 120 किलोग्राम बताया गया है, जबकि अन्य सामग्री मिलाकर इसका कुल वजन करीब 200 किलोग्राम हो गया है।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार पुराने नंदी महाराज को 8 मई 2026 को विधिवत पूजा-अभिषेक और मंत्रोच्चारण के साथ उनके स्थान से विसर्जित कर दिया था। इसके बाद नए नंदी की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किए गए, जो रविवार को पूर्ण हुए। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भव्य फूल बंगला सजाया गया। इसके बाद महाआरती कर श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। न्यास के प्रबंधक राजेश पराशर ने बताया कि पांच आचार्यों द्वारा त्रिदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया है। मंदिर के परम भक्तों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह आयोजन किया गया। श्रीमती वंदना दिलीप जैसवानी को नंदी बाबा की प्राण प्रतिष्ठा कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मंदिर के पुजारी गौरव कटारे ने बताया कि भगवान नंदी धर्म के प्रतीक माने गए हैं, जिन्हें भगवान शंकर ने खुद सर्वदा शंकर का स्वरूप दिया है। भगवान भोले नाथ के सबसे करीबी भक्त है नंदी महाराज, ऐसा भी कहा जाता है कि उनके बिना भगवान शिव भी अधूरे हैं। इसीलिए जब भी हमें भगवान शिव से कोई मनोकामना होती है या उनके दर्शनों का सही लाभ चाहिए। तो नंदी महाराज से ही आज्ञा लेनी पड़ती है और उनके द्वारा ही हमारी बात भोले नाथ को पहुंचाई जाती है। इसीलिए लोग उनके कान में अपनी बात कहते हैं।