ग्वालियर| महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में प्रौद्योगिकी दिवस पर विषय विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया इस अवसर पर डॉक्टर दीपक शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर हर वर्ष 11 मई को मनाया जाता है यह दिन 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी वाजपेई जी के नेतृत्व में भारत द्वारा सफलतापूर्वक किए गए परमाणु परीक्षण की याद में मनाया जाता है जिसके कारण भारत एक परमाणु शक्ति संपन्न देश बना राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2025 की थीम "यंत्र युगांतर फॉर एडवांसिंग न्यू टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड एम्शीलेरेशन" है यह थीम भारत को आत्मनिर्भर बनाने वैज्ञानिक विरासत को समझने और रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है जिसका उद्देश्य भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर केंद्रित है जिसका उद्देश्य भारत को तकनीकी रूप से आत्म-निर्भरता, अनुसंधान को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण को दर्शाता है यह वैज्ञानिक नवाचार सांस्कृतिक विरासत और भारत के भविष्य को बदलने वाली तकनीक का प्रतीक है कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर कुसुम भदोरिया ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय युवा वैज्ञानिकों के हौसले और योग्यता ने आज देश में तकनीकी क्रांति लाई है देश को सैन्य रूप से काफी मजबूत बनाया है और अभी भविष्य की अपार संभावनाएं मौजूद हैं कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर शशीकला ने किया इस अवसर पर प्रोफेसर रवि रंजन एवं प्रोफेसर विभा दूर्वार उपस्थित थे।