उत्तर मध्य रेलवे, झाँसी मंडल के रेलकर्मियों द्वारा यात्रियों की सेवा एवं सुरक्षा के प्रति समर्पण का एक सराहनीय उदाहरण 29 अप्रैल को देखने को मिला।
झाँसी मंडल में कार्यरत उप मुख्य टिकट निरीक्षक श्री रईस ख़ान, जो गाड़ी संख्या 12615 जीटी एक्सप्रेस में झाँसी से नई दिल्ली के मध्य ड्यूटी पर कार्यरत थे, टिकट जांच के दौरान निजामुद्दीन स्टेशन के पास कोच संख्या बी-4 की सीट संख्या 34 पर एक यात्री का पर्स मिला।
कर्तव्यनिष्ठा एवं सजगता का परिचय देते हुए श्री रईस ख़ान ने तत्काल हैंड हेल्ड टर्मिनल (HHT) के माध्यम से संबंधित यात्री का मोबाइल नंबर तथा अन्य विवरण प्राप्त किया। जांच में यात्री का नाम श्री नितेंद्र सोनारे पाया गया, जिनका आरक्षण बैतूल से नई दिल्ली तक कोच बी-4 की सीट संख्या 34 पर था।
श्री रईस ख़ान ने तत्परता दिखाते हुए यात्री से दूरभाष पर संपर्क किया। बातचीत में ज्ञात हुआ कि यात्री निजामुद्दीन स्टेशन पर उतर चुके थे। इसके उपरांत उन्हें नई दिल्ली स्टेशन पर आने हेतु सूचित किया गया। यात्री के नई दिल्ली स्टेशन पहुँचने पर विधिवत सत्यापन के पश्चात पर्स उन्हें सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया।
उक्त पर्स में लगभग ₹8,000 नकद राशि के साथ कई महत्वपूर्ण एवं कीमती दस्तावेज सुरक्षित रखे हुए थे। अपना खोया हुआ पर्स वापस पाकर यात्री ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की तथा श्री रईस ख़ान एवं भारतीय रेलवे की ईमानदारी, सतर्कता एवं उत्कृष्ट सेवा भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह घटना एक बार फिर सिद्ध करती है कि भारतीय रेलवे के कर्मचारी न केवल अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेवा भावना का उत्कृष्ट परिचय भी दे रहे हैं।