ग्वालियर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय व्याख्यान माला (संवाद योजना अंतर्गत) का सफल आयोजन शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उत्कृष्ट महाचिद्यालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय दर्शन, विशेष रूप से अद्वैत वेदात, तथा शंकराचार्य जी के जीवन, व्यक्तित्व और उनके महान योगदान से समाज को परिचित कराना था। कार्यक्रम में संबाद के माध्यम से वैचारिक आदान-प्रदान पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी ऋषभ देवानंद महाराज रहे, जबकि अध्यक्षता शशिदत गगरानी (शासी निकाय सदस्य, जन अभियान परिषद) ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्राचार्य हरीश अग्रवाल, संभागीय समन्वयक सुशील बरुआ, जिला समन्वयक धर्मेन्द्र दीक्षित, ब्लॉक समन्वयक प्रीति बाजपेयी एवं विनोद शर्मा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थी एवं मेटर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शंकराचार्य के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा धर्मेन्द्र दीक्षित द्वारा प्रस्तुत की गई। प्राचार्य हरीश अग्रवाल ने शिक्षा एवं सामाजिक सहभागिता को समग्र विकास का आधार बताया। सुशील बरुआ ने शंकराचार्य द्वारा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में किए गए योगदान को रेखांकित किया। स्वामी ऋषभ देवानंद ने प्रेरणादायक उद्बोधन में शंकराचार्य जी के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान अप्रवासी संत सेवा ग्वालियर सकल्प" के अंतर्गत दिवाकर द्वारा एक विशेष अभियान का पोस्टर विमोचन किया गया, जिसमें "एक दिन, एक परिवार-संत सेवा एव गौ सेवा" का संदेश दिया गया। समापन अवसर पर विनोद शर्मा (विकासखंड समन्वयक, घाटीगांच) ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक है जितने उनके समय में थे।