ग्वालियर। संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिवाद और असमानता के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने दलितों, शोषितों, पिछड़ों और महिलाओं के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का एकमात्र रास्ता है, इसीलिए उन्होंने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ का मंत्र दिया। बाबा साहब का भारतीय समाज में योगदान विशाल और विविध है ,जो एक समाज सुधारक, अर्थशास्त्री, राजनेता और कानूनी विद्वान के रूप में उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है। अपने असंख्य योगदानों के माध्यम से बाबा साहब ने देश के सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य पर एक स्थायी छाप छोडी है। यह विचार आज 16 ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के पूर्व आज आयोजित कार्यक्रमों में आमजनों को संबोधित करते हुये व्यक्त किये।
विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ग्वालियर पूर्व विधानसभा में 16 स्थानों पर जहां बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित है, वहां सभी स्थानों पर अलग-अलग समय पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वरिष्ठजन महिला एवं पुरूषों का सम्मान एवं समता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर किया गया, उसके पश्चात् 7100 वरिष्ठजन महिला-पुरूषों का पुष्पमाला पहनाकर एवं श्रीफल व वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया और सभी स्थानों पर समता भोज का भी आयोजन किया गया ,जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया । कार्यक्रमों में विधायक डाॅ. सिकरवार ने आमजनों का संबोधित करते हुये कहा कि बाबा साहब ने समाज में व्याप्त अस्पृश्यता, जातिवाद और असमानता के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। बाबासाहेब का जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय का अद्भुत प्रतीक है। उनके विचार आज भी हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय समाज को न केवल समानता और न्याय का संदेश दिया, बल्कि हर व्यक्ति के अधिकारों के लिए संघर्ष भी किया। बाबासाहेब ने अपना पूरा जीवन छुआछूत और जातिवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने में समर्पित कर दिया। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत थे।
इन 16 स्थानों पर हुआ कार्यक्रम
आज विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ 16 ग्वालियर पूर्व विधानसभा के वार्ड क्रमांक 18 में अम्बेडकर पार्क दीनदयाल नगर, वार्ड क्रमांक 19 में जडेरूआ पिन्टू पार्क, वार्ड क्रमांक 21 में कबीर आश्रम विवेक नगर आसमानी माता मंदिर के सामने मेला के पास, वार्ड क्रमांक 22 में सुजाता बुद्ध विहार मरघट के सामने सुरेश नगर के पास थाठीपुर, वार्ड क्रमांक 23 में सरकारी मल्टी सुरेश नगर थाठीपुर, वार्ड क्रमांक 23 में चमडा कारखाना कबीर काॅलोनी के पास मुरार, वार्ड क्रमांक 23 में सखवार धर्मशाला गल्ला कोठार थाठीपुर, अजाक्स कार्यालय में थाठीपुर, वार्ड क्रमांक 24 में डूडी की बगिया बुद्ध विहार सुरेश नगर, थाठीपुर, वार्ड क्रमांक 28 में आनन्द नगर बजरिया थाठीपुर, वार्ड क्रमांक 26 में तिकोनिया बगिया मुरार, वार्ड क्रमांक 60 में अम्बेडकर पार्क हुरावली, वार्ड क्रमांक 56 में सखी बाबा आश्रम देवनगर नाकाचन्द्रवदनी, वार्ड क्रमांक 57 में अम्बेडकर भवन बीजासेन मौहल्ला नाकाचन्द्रवदनी, वार्ड क्रमांक 58 में पी.एम.एस हाॅस्टल हरिशंकरपुरम, अजाक्स कार्यालय में रेसकोर्स रोड आयोजित कार्यक्रमों में संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण, वरिष्ठजनों का सम्मान एवं समता भोज का आयोजन किया गया।
अंबेडकर पार्क में एक लाख श्रृद्धालुओं का भंडारा 14 अप्रैल को
डाॅ. भीमराव अम्बेडकर पार्क फूलबाग में विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार 14 अप्रैल को भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर एक लाख श्रृद्धालुओं के भण्डारा (प्रसादी) का आयोजन कर रहे है। आयोजन की तैयारिआं पूरी कर ली गई है। सुबह 9 बजे विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन करेंगे, जिसके बाद भण्डारा (प्रसादी) का आयोजन शुरू किया जायेगा, जो कि देर रात तक चलेगा।