ग्वालियर। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये जिले में स्थापित किए गए सभी 37 खरीदी केन्द्रों का संबंधित एसडीएम स्वयं निरीक्षण करें। प्रत्येक खरीदी केन्द्र पर किसानों के लिये पेयजल, छाया व पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करें। साथ ही छाछ, शरबत व ओआरएस का इंतजाम भी कराएं। प्रत्येक केन्द्र पर प्राथमिक चिकित्सा किट की व्यवस्था भी रहे। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में गेहूँ उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केन्द्र पर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे किसानों को अपना गेहूँ बेचने में कोई कठिनाई नहीं आए।
अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्रों पर अग्निशमन यंत्र, रेत, बाल्टियां एवं गेहूँ को ढकने के लिये तिरपाल इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये भी कहा। साथ ही प्रत्येक केन्द्र पर शिकायत व सुझाव पंजी संधारित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में तीन स्व-सहायता समूहों को भी गेहूं उपार्जन की जिम्मेदारी दी जा रही है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने के लिये अभी तक 471 किसानों द्वारा स्लॉट बुक कराए जा चुके हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तिघरा सहित जिले के पुराने जलाशयों के गहरीकरण का काम प्रमुखता से करें। बैठक में बताया गया कि वीरपुर व हिम्मतगढ़ सहित जिले के 8 पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार अभियान के तहत कराया जायेगा। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिले के शेष शासकीय भवनों में अभियान के तहत प्रमुखता के साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनायें बनवाएं। इसी तरह सभी छात्रावासों में भी संरचनायें बनवाई जाएं। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों में प्रभावशाली लोगों की बैठक लेकर जल संरक्षण के काम कराने पर बल दिया। इसी तरह ग्रामीण अंचल में विकासखंडवार कार्यों को चिन्हित कर जनभागीदारी से जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार करने के निर्देश उन्होंने दिए। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत व अपर जिला दण्डाधिकारी सीबी प्रसाद, जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।