वेतन बंद करना शिक्षकों के साथ अन्यायः सुरेंद्र भदौरिया
- मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर को ज्ञापन सौंपा
ग्वालियर। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ एवं भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ई अटेंडेंस ना लगाने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारी का नवंबर 2025 का वेतन आहरण न करने के आदेश दिए हैं, जो कि न्यायपूर्ण नहीं हैं।
प्रदेश संगठन मंत्री मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ सुरेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि संदर्भित पत्र के क्रम में शिक्षा विभाग ने 3.0 पर शिक्षक एप का निर्माण किया है इसी पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अटेंडेंस अवकाश एवं अन्य कार्रवाई करने हेतु शिक्षकों को बाध्य किया जा रहा है। जबकि ऐसी कार्रवाई हमारी पदस्थापना के समय की सेवा शर्तों, सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत है, क्योंकि ना तो शासन द्वारा इस ऐप को लागू करने या ई अटेंडेंस लगाने कोई अमेंडमेंट किया गया है और ना ही कोई ऐसा मध्यप्रदेश गजट नोटिफिकेशन हुआ है, फिर भी आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल के माध्यम से शिक्षक ऐप पर ई अटेंडेंस लगाने पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बाध्य किया जा रहा है। जबकि शिक्षकों हेतु उपस्थिति पंजी वर्षों से संधारित है उस पर सभी के हस्ताक्षर होते आये है, हालांकि आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल या किसी भी प्रदेश लेवल के अधिकारी ने सीधे ई अटेंडेंस ना लगाने पर शिक्षकों, कर्मचारियों का वेतन आहरण न करने का आदेश जारी किया है। किंतु जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक, कर्मचारियों के माह नवंबर 2025 के वेतन आहरण पर ऐसा पत्र जारी कर दिया है कि जिन शिक्षकों कर्मचारियों ने माह नवंबर 2025 में ई अटेंडेंस नहीं लगाई है उनका वेतन नहीं दिया जाएगां संघ को लगता है कि ये पूर्णता असवैधानिक है, क्योंकि आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल ने भी ई अटेंडेंस ना लगाने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन आहरण पर सीधे रोक नहीं लगाई है नहीं ऐसा कोई पत्र जारी किया है। शिक्षक एप पर ई अटेंडेंस लगाने की त्रुटियों पर एक याचिका माननीय हाईकोर्ट में लंबित है। इसकी सुनवाई लगातार चल रही है एवं सोमवार 1 दिसंबर को भी सुनवाई है। उन्होंने अनुरोध किया है कि शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए गुरुओं के लिए अपमानजनक इस व्यवस्था पर रोक लगवाते हुए माह नवंबर 2025 का वेतन आहरण कराने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश प्रदान किया जाये, ताकि शासन की छवि बरकरार रह सके एवं शिक्षकों कर्मचारियों का सम्मान यथावत रह सकें।