सावरकर जी दूरदर्शी चिंतक, प्रखर राष्ट्रवादी एवं सामाजिक सुधारक भी थेः आशीष अग्रवाल
- स्वातंत्रयवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित
ग्वालियर। आज हम सभी एक ऐसे महान राष्ट्रनायक, विचारक और क्रांतिकारी व्यक्तित्व को स्मरण करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और अदम्य आत्मबल का प्रतीक हैं, स्वातंत्रयवीर विनायक दामोदर सावरकर जी। सावरकर जी केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी चिंतक, प्रखर राष्ट्रवादी एवं सामाजिक सुधारक भी थे। यह बात भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने गुरूवार को स्वातंत्रयवीर विनायक दामोदर सावरकर जी की जयंती पर पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वाध्याय मंच द्वारा आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में कही।
श्री अग्रवाल ने कहा कि सावरकर जी नेअपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत माता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। कालापानी की कठोर यातनाओं के बीच भी उनका राष्ट्रभाव अडिग रहा तथा उन्होंने अपने विचारों को कर्म के माध्यम से राष्ट्रसेवा में परिवर्तित किया। कार्यक्रम में साडा के उपाध्यक्ष हरीश मेवाफरोश ने कहा कि सावरकर जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का भी प्रयास किया। वे सामाजिक समरसता, एकता और आत्मनिर्भरता के प्रबल समर्थक थे। उनका मानना था कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब समाज संगठित, जागरूक और संस्कारित हो। वरिष्ठ व्यवसायी एवं समाजसेवी हरिदास अग्रवाल ने दीनदयाल स्वाध्याय मंच के कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि यह मंच विगत कई दशकों से राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने एवं युवाओं को अमर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान से प्रेरित करने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। इस अवसर पर अशोक बांदिल, पार्षद संजय सिंघल, अमित बंसल, प्रमोद गड़कर, संजय चुघ, पारस बरैया, अशोक साहू, दीपक जैन, धनेश जैन, रामकुमार सोनी, दिनेश कुमार वर्मा, प्रवीण दुबे, सुधांशु भारद्वाज, मोनू सोनी, निर्मल कोठारी एवं गिर्राज सोमानी सहित मंच के पदाधिकारी व अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।