आईटीएम वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल-3.0 में कोलंबिया के ‘किलबेटमेकर‘ की धुनों पर थिरके छात्र-छात्राएं
- हिल्डर ब्रांडो ओसोर्नो की लेटिन म्यूजिक की लाइव प्रस्तुति ने युवाओं में भरा जोश
- किलबेटमेकर ग्रुप ने दमदार बीट्स, अनूठे संगीत संयोजन और जोशीली प्रस्तुति ने नाद एम्फीथिएटर में बांधा समां
- संगीत बना संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के सिथौली परिसर स्थित नाद एम्फीथिएर में आयोजित दो दिवसीय ‘आईटीएम वर्ल्ड-म्यूजिक फेस्टिवल-3.0 का समापन कोलंबिया के ‘किलबेटमेकर‘ ग्रुप की धमाकेदार सिंिगंग और म्यूजिक की प्रस्तुति के साथ हुआ। फेस्टिवल के समापन अवसर पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की चांसलर श्रीमती रुचि सिंह, प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश उपाध्याय, रजिस्ट्रार डाॅ. ओमवीर सिंह, आईटीएम की डायरेक्टर डाॅ. मीनाक्षी मजूमदार सहित सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शैक्षणिक और कार्यालयीन स्टाॅफ सहित संस्थान में अध्ययनरत देशी और विदेशी छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
किलबेटमेकर ग्रुप ने दमदार बीट्स, अनूठे संगीत संयोजन और जोशीली प्रस्तुति ने नाद एम्फीथिएटर में बांधा समां
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल-3.0‘ के द्वितीय दिवस ‘किलबेटमेकर ग्रुप‘ के संगीत निर्माता, गायक-गीतकार और साउंड इंजीनियर माने जाने वाले कलाकार हिल्डेर ब्रांडो ओसोर्नो, ग्वाडालूपे गिराल्डो और जूलियन रामिरेज़ की जबरदस्त उर्जा के साथ तेज रफ्तार संगीत, दमदार बीट्स के साथ संगीतमय माहौल को जीवंत कर दिया। संस्थान के नाद एम्फीथिएर के मंच पर शाम 6 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय संगीत की अनूठी धुनों और लेटिन म्यूजिक, आधुनिक बीट्स और विविध संगीत शैलियों के मेल ने छात्र-छात्राओं और युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करते हुए थिरकने को मजबूर कर दिया।
कोलंबियाई बैंड ‘किलबेटमेकर ग्रुप‘ ने अपनी विशिष्ट शैली के जरिए छात्र-छात्राओं और युवाओं को आधुनिक वैश्विक संगीत की विविधता से परिचित कराया। लाइव प्रस्तुति की दौरान समूह की संगीत शैली में कुम्बिया, एंडीज क्षेत्र की पारंपरिक लय, अफ्रोबीट्स, अमापियानो और इलेक्ट्रॉनिक संगीत का अनूठा मिश्रण का अनुभव करने का मौका मिला। बीटबॉक्स, रैप, ड्रम, कोलंबियाई गाइता, इलेक्ट्राॅनिक्स, पर्कशन वोकल और फ्लूट जैसे वाद्ययंत्रों के जरिए लाइव प्रस्तुति में ध्वनियों का अनूठा संयोजन और लय की निरंतरता इसकी खासियत रही। कलाकारों की सक्रियता ने कार्यक्रम को गति दी और एम्फीथिएटर में मौजूद युवाओं के बीच संगीत को लेकर उत्सुकता और उत्साह बनाए रखा
संगीत बना संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम
आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल 3.0 का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय संगीत और विभिन्न देशों की कलात्मक अभिव्यक्तियों से परिचित कराना है। किलबेटमेकर की प्रस्तुति ने इस उद्देश्य को प्रभावी रूप से सामने रखा। संगीत की कोई सीमा नहीं होती और उसकी लय अलग-अलग भाषाओं व संस्कृतियों के लोगों को जोड़ सकती है। कार्यक्रम में इसी वैश्विक सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक देखने को मिली। किलबेटमेकर की ऊर्जावान प्रस्तुति ने आईटीएम वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल 3.0 की शाम को यादगार बनाया और छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय संगीत की दुनिया से जुड़ने का अवसर दिया।
इलेक्ट्राॅनिक्स, वोकल
फ्लूट, परकशन इंस्ट्रुमेंट, वोकल
परकशन इंस्ट्रुमेंट, वोकल